सिलाई अध्यापिकाएं सुबह से रात तक करती रहीं इंतजार

धर्मशाला। सुबह से लेकर शाम तक विधानसभा परिसर के बाहर सिलाई अध्यापिकाएं शांतिपूर्वक ढंग से मांगों को लेकर डटी रहीं, लेकिन उनको मुख्यमंत्री से मिलने का समय नहीं दिया गया। शाम को जब सीएम विधानसभा परिसर से बाहर अपनी गाड़ी में निकले तो उन्होंने सिलाई अध्यापिकाओं से बात करने के लिए गाड़ी तक नहीं रोकी। नियमितीकरण की मांग को लेकर प्रदेश भर से करीब 300 सिलाई अध्यापिकाएं विधानसभा में सीएम से बात करने के लिए पहुंची थीं। उन्हें करीब सात बजे मायूस होकर खाली हाथ लौटना पड़ा। सिलाई अध्यापिका संघ की महासचिव सुमन लता ठाकुर सहित कुल्लू से जनता ठाकुर, मंडी से परवीन और निर्मला, चंबा से सुनीता, कांगड़ा से इंदु, ऊना से सुषमा, शिमला से तृप्ता और सरिता, हमीरपुर से शालू और सोलन से कृष्णा ने बताया कि वे दूर-दूर से यहां सीएम से मिलने आई थीं, ताकि उनको अपनी समस्या बताई जा सके। कई सिलाई अध्यापिकाएं 1997 से 1600 रुपये मानदेय पर सेवाएं दे रही हैं। अब उनको नियमित किया जाना चाहिए। जब तक उनके लिए ठोस नीति नहीं बनती है तब तक उन्हें न्यूनतम वेतन दिया जाना चाहिए। लेकिन, पूरा दिन उन्हें बात करने तक के लिए नहीं बुलाया गया। शाम सात बजे वे विधानसभा परिसर से घर के लिए निकलीं।

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