
रिवालसर (मंडी)। तपोस्थली रिवालसर की ऐतिहासिक झील परिसर में शहीद श्रवण कुमार स्मारक का निर्माण न होने से जहां पर्यटकों की आवाजाही में कमी आई है, वहीं झील का सौंदर्यीकरण भी नहीं हो पाया है। इस स्मारक में पर्यटकों की सुविधा के लिए फुलवारी, झूलों सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध होनी थी। सियासी दल वादे तो करते रहे, मगर आज तक पार्क बनाने की योजना सिरे नहीं चढ़ पाई।
क्षेत्र के बाशिंदे दिनेश कुमार, मोती राम, हुकम चंद, रोशन लाल, भूप सिंह, हेमंत कुमार, मुंशी राम, तिलक चंद, हेम राज, पुष्पराज, जगदीश चंद, बेली राम, रूप लाल, मोहन लाल, भीमदेव, मनोहर लाल, सुभाष चंद, हरीश कुमार, बेली राम, शिव राम, गगन कुमार, दलीप सिंह, किशन चंद, दुनी चंद, पद्मनाभ, दयाराम आदि ने बताया कि शहीद श्रवण कुमार स्मारक का शिलान्यास वर्ष 2000 में प्रकाश चौधरी ने किया था। लेकिन, तेरह वर्ष का समय बीत जाने के बावजूद इस स्मारक के लिए एक पत्थर तक नहीं लगाया गया। लोगों का कहना है कि चुनाव के दौरान सियासी दल वादे तो करते हैं, लेकिन चुनाव बीत जाने के बाद न तो पार्टी और न ही प्रत्याशी इन योजनाओं की ओर ध्यान देते हैं। इस स्मारक निर्माण से जहां क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलना था। वहीं क्षेत्र के व्यापारियों सहित लोगों को खासी आमदन का द्वार खुलना था। दो बार प्रकाश चौधरी मंत्री पद पर आसीन रहे, लेकिन इस स्मारक निर्माण के लिए अब तक कुछ नहीं किया। उपरोक्त लोगों ने कहा कि इस बार उसी राजनीतिक दल को मत दिए जाएंगे, जो इस स्मारक के निर्माण के लिए सहयोग करेगा। इधर, नगर पंचायत रिवालसर के अध्यक्ष बंशी लाल ने कहा कि स्मारक का शिलान्यास 12 अप्रैल 2000 को किया गया था, लेकिन तेरह वर्ष का समय बीत गया है, इसके निर्माण के लिए न तो धन का प्रावधान हुआ और न ही इसके निर्माण के लिए कोई गंभीर है।
बल्ह के विधायक एवं आबकारी मंत्री प्रकाश चौधरी ने कहा कि क्षेत्र की ऐतिहासिक झील को वैटलैंड का दर्जा प्राप्त होने से इसके परिसर में निर्माण करवाना मुश्किल है। लेकिन, प्रदेश सरकार के समक्ष मामला उठाया जाएगा। इसके निर्माण की पूरी कोशिश की जाएगी।
