
शिमला। श्री गुरु सिंह सभा के द्विवार्षिक चुनाव को लेकर राजधानी में माहौल गर्मा गया है। सभा के अध्यक्ष पद के लिए आगामी 30 जून को चुनाव होने हैं। अध्यक्ष पद के लिए सिंह सभा के पूर्व अध्यक्ष जसविंद्र सिंह व पाराचिनार सभा के पूर्व मुख्य सचिव परमजीत सिंह में सीधा मुकाबला है।
प्रदेश के गुरुद्वारों की केंद्रीय समिति श्री गुरु सिंह सभा के चुनाव को लेकर जोड़ तोड़ शुरू हो गई है। चुनाव में अध्यक्ष पद के प्रत्याशियों ने प्रचार के लिए मतदाताओं के घरों में डोर टू डोर दस्तक देना शुरू कर दिया है। चुनावों में श्री गुरु सिंह सभा के 453 सदस्य मतदान कर अपना प्रतिनिधि चुनेंगे। राजधानी शिमला में सिख समुदाय के लोगों की आबादी करीब साढ़े पांच हजार है। अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ रहे जसविंद्र सिंह नगर निगम के पूर्व मनोनीत पार्षद भी रह चुके हैं। जसविंद्र सिंह का कहना है कि सभा में बतौर अध्यक्ष उन्होंने सिख समुदाय के लोगों की मांगों को न सिर्फ जोर शोर से सरकार के समक्ष उठाया है बल्कि मांगें मनवाने में कामयाब भी रहे हैं। जसविंद्र के खिलाफ चुनाव मैदान में उतरे अध्यक्ष पद के प्रत्याशी परमजीत सिंह (पम्मी) का कहना है कि सभा के पूर्व अध्यक्ष ने पद का प्रयोग अपने और अपने चहेतों को फायदा पहुंचाने के लिए किया है। समुदाय के अन्य लोगों के उत्थान की ओर कभी ध्यान नहीं दिया।
जनरल हाउस में होगा चुनाव
30 जून को गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा में जनरल हाउस बुलाया गया है। जनरल हाउस में सिंह सभा की मौजूदा कार्यकारिणी की रिपोर्ट पढ़ी जाएगी। जनरल हाउस के दौरान सिंह सभा के चुनाव के लिए आम सहमति से चुनाव अधिकारी का चयन किया जाएगा। चुनाव अधिकारी की देखरेख में चुनाव होंगे और देर शाम परिणाम घोषित कर दिया जाएगा
