
कालाअंब (सिरमौर)। मोगीनंद क्षेत्र में सिंचाई का पानी न मिलने से 25 से 30 बीघा के करीब उपजाऊ भूमि बंजर होने के कगार पर है। क्षेत्र के किसान मनोज कुमार, दर्शन लाल, अमर सिंह, प्रेम चंद, राजिंद्र सिंह व राम शरण आदि ने बताया कि उनकी जमीन को सिंचाई का पानी नहीं मिल रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि कुछ निजी कंपनियों की कार्यप्रणाली के कारण उनकी योजना प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों ने साफ तौर पर कहा कि 3-4 वर्ष पूर्व भी इसकी शिकायत पंचायत प्रतिनिधियों से की गई, मगर किसी ने कुछ नहीं किया।
क्षेत्र के किसानों ने कहा है कि जमीन को सिंचाई का पानी नहीं मिलने से उन्हें हर वर्ष लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि जो कूल बनाई गई है, वह 300 से 400 मीटर तक ही बन पाई है। पूर्व में पटवारखाने से इस कूल की सप्लाई की जाती थी, जो लंबे अरसे से बंद है। यदि किसानों को इस कूल से सप्लाई सुचारू की जाए तो उनके खेतों में हरियाली लौटेगी।
उधर, कालाअंब पंचायत के प्रधान राजेश चौहान ने बताया कि पूर्व में क्षेत्र के लोगों से शिकायत मिली थी। जो कूल बंद पड़ी है, उससे मोगीनंद क्षेत्र के वार्ड-3 तथा 4 को सिंचाई का पानी मिल सकता है। पंचायत इस मामले में सिंचाई विभाग से बात कर रही है। जल्द ही मामला सुलझा दिया जाएगा।
