
सोलन। सावधान! कहीं होली के रंग आपको बीमार कर दें। लिहाजा रंग खरीदते और होली खेलते समय सावधानी बरतना जरूरी है। बाजार में बिक रहे केमिकल कलर से परहेज करें। ये कलर आंखों और त्वचा के लिए घातक साबित हो सकते हैं। खुजली, माइग्रेन, सन बर्न जैसी बीमारियों के साथ-साथ आंखों की रोशनी तक को भी असर पड़ सकता है। लिहाजा चिकित्सकों ने आर्गेनिक या हर्बल रंग के इस्तेमाल की सलाह दी है। साथ ही गीले रंग से परहेज करने को कहा है।
त्वचा विशेषज्ञ डा. विनय पटियाल का कहना है कि केमिकल रंगों से डर्मटाइटिस बीमारी होती है। खास कर चेहरे और आंखों पर अधिक प्रभाव पड़ता है। त्वचा में खुजली रोग या सिरदर्द इसके लक्षण हैं। बाजार में आने वाले होली के रंगों में अधिकतर केमिकल वाले होते हैं। लोगों को इन रंगों से बचना चाहिए। यदि होली में रंगों का प्रयोग करना है तो जांच परख कर रंग खरीदें। आजकल बाजार में हर्बल और आर्गेनिक कलर भी हैं। होली में लोग उन्हें प्रयोग कर सकते हैं।
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इन बातों का रखें ध्यान
होली खेलते समय रंग आंख में न जाने दें, हो सके तो चश्मे का इस्तेमाल करें, चेहरे पर रंग अधिक देर तक न रहने दें, सिर को कैप आदि से ढकें, केमिकल कलर बालों को भी नुकसान पहुंचा सकता है। रंग लगने के बाद हलके गुनगुने पानी से मुंह धो लें, हो सके तो हर्बल और प्राकृतिक रंगों का प्रयोग करें ।
रंग खरीदते समय देखें
दुकानदार से प्राकृतिक रंगों की ही डिमांड करें। दुकानदार की ओर से पैक किया रंग हो सके तो न खरीदें। खुले रंग को ही खरीदें। रंग पाउडर की तरह मुलायम होना चाहिए।
दानेदार होली रंग में खतरनाक केमिकल हो सकते हैं। तेज चमक और खुशबू वाले रंगों से परहेज करें। पक्के पिचकारी के रंग न खरीदें।
