
रामपुर बुशहर। हिलोपा की बैठक शनिवार को रामपुर में हुई। बैठक में रामपुर क्षेत्र में लोगों को पेश आ रही विभिन्न समस्याओं पर चरचा की गई। बैठक में निर्णय लिया गया कि लोगों की समस्याओं को सात दिन के अंदर दूर नहीं किया गया तो हिलोपा रामपुर में धरना-प्रदर्शन करने पर मजबूर होगी। बैठक की अध्यक्षता हिलोपा के मंडल अध्यक्ष चेतन पाकला ने की।
बैठक में निर्णय लिया गया कि गौरा और ज्यूरी की ओर जाने वाली सभी बसें पुराने बस अड्डे से होकर आनी चाहिए। नोगली और नाराण में बंद किए गए खाद के डिपो को फिर से बहाल किया जाए। इसके अलावा चकतेच, नीरथ और ननखड़ी बस स्टैंड पर शुलभ शौचालय का निर्माण किया जाए। बिजली के पुराने मीटर बदले जाएं और उनके स्थान पर पुराने बिजली के मीटर लगाए जाएं। इलेक्ट्रॉनिक मीटरों से अधिक बिल आ रहे हैं। वहीं, रामपुर क्षेत्र में जितने भी बिजली के प्रोजेक्ट लग रहे हैं उनसे प्रभावित क्षेत्र के लोगों को निशुल्क बिजली मुहैया करवाने बारे में कड़े कदम उठाए जाएं। क्षेत्र के विभिन्न रूटों पर चलने वाली निजी बसें रविवार को रूट पर नहीं चलती हैं। इन पर शिकंजा कसा जाए। बैठक में निर्णय लिया गया है कि मांगों को पूरा करने को लेकर एक सप्ताह में कदम नहीं उठाए गए तो हिलोपा सात दिन बाद रामपुर में विरोध प्रदर्शन करेगी। इसकी जिम्मेवारी प्रदेश सरकार और प्रशासन होगी। बैठक में पूर्व विधायक नीजू राम, जिला उपाध्यक्ष देस राज हुड्डन, दौलत राम, मंडल अध्यक्ष चेतन पाकला, महेर सिंह, दिलीप सहित अन्य लोग मौजूद थे। हिलोपा क्षेत्र की विभिन्न मांगों को लेकर सोमवार को 10 बजे एसडीएम रामपुर के माध्यम से राज्यपाल को भी ज्ञापन भेजेगी। यह जानकारी हिलोपा के मंडल अध्यक्ष चेतन पाकला ने दी।
