
रुद्रपुर। प्रदेश सरकार ने स्कूलों में छात्राओं की संख्या बढ़ाने के लिए साइकिल योजना चलाई। इसके तहत नौवीं कक्षा की छात्राओं से साइकिल खरीदवाई और रसीद दिखाने पर उन्हें चेक दिया। मगर राजकीय इंटर कालेज चुकटी देवरिया की छात्राएं खुद को ठगा महसूस कर रही हैं। क्योंकि इस स्कूल की चालीस छात्राओं के चेक बाउंस हो गए। इससे नाराज अभिभावकों ने मुख्यशिक्षाधिकारी को पत्र भेजकर शिकायत की है। उन्होंने बच्चों को पैसे न मिलने पर कोर्ट की शरण में जाने की धमकी है।
मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा के निर्देश पर राजकीय स्कूलों की कक्षा-9 की छात्राओं को साइकिल देने की योजना शुरू हुई। इसका कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए गये। बताया जाता है कि छात्राओं से साइकिलें भी खरीदवाई गई। साइकिल की रसीद दिखाने पर स्कूलों के प्रधानाचार्यों द्वारा 2850 रुपये का प्रति छात्रा को चेक दिया गया। राजकीय इंटर कालेज चुकटी देवरिया की कक्षा-9 की चालीस छात्राओं के अभिभावकों ने भी इसी उम्मीद में साइकिल खरीदकर बच्चों को दी। छात्राएं साइकिल की रसीद लेकर स्कूल गयी तो प्रधानाचार्य ने 28 मई को चेक काटकर छात्राओं को जारी कर दिया। छात्राओं ने जब चेक बैंक में लगाए तो बाउंस हो गए। अभिभावकों ने बताया कि उन्होंने जब इस बाबत प्रधानाचार्य से जानकारी मांगी तो संतोषजनक जवाब नहीं मिला। अभिभावकों ने मुख्य शिक्षा अधिकारी को पत्र लिखकर चेकों का भुगतान करवाने की गुहार लगाई है। साथ ही भुगतान न होने पर न्यायालय की शरण में जाने की चेतावनी दी है। प्रधानाचार्य जगमोहन पांडे ने बताया कि साइकिल के लिए धनराशि विभाग ने अवमुक्त की थी, लेकिन वह भूलवश किसी अन्य स्कूल के खाते में चली गई। शीघ्र उनके स्कूल के खाते में धनराशि आ जाएगी।
