
पौड़ी के सांसद सतपाल महाराज और विधानसभा उपाध्यक्ष डा. अनुसूया प्रसाद मैखुरी ने बुधवार को यहां संगम घाट पर मुंडन (छोर कर्म) करवाया। नेताओं का कहना था कि प्रदेश में आई भीषण आपदा में मारे गए लोगों की आत्मीय की शांति के लिए उन्होंने ऐसा किया है।
सांसद सतपाल महाराज ने केदारनाथ, रामबाड़ा, गौरीकुंड, हेमकुंड सहित अन्य तीर्थ स्थानों पर हुई आपदा के कहर में लापता हुए लोगों की तलाश के लिए मजिस्ट्रेटी जांच कराने तथा बाहरी प्रदेशों के लापता लोगों के लिए वहां के जिलाधिकारी को रिपोर्ट करने की बात कही। उन्होंने बताया कि मृतकों के परिजनों को कोई परेशानी न हो इसके लिए मुख्य सचिव को व्यवस्था सुनिश्चित कराने को निर्देशित किया गया है। सांसद ने बताया कि चमोली जिले में करीब 24 पुल बह गए उनके स्थान पर झूला पुल बनाने को दिए गए हैं। कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों के बंद होने पर वैकल्पिक मार्गों को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि चौरास से माई की मंडी तक सात किमी वैकल्पिक मोटर मार्ग का प्रस्ताव वह राज्य और केंद्र सरकार को भेज चुके हैं। विधानसभा उपाध्यक्ष डा. अनुसूया प्रसाद मैखुरी ने कहा कि आपदा प्रभावितों की मदद में कोताही नहीं बरती जाएगी। इस मौके पर जिला प्रवक्ता ईश्वरी मैखुरी, ब्लाक अध्यक्ष जीएस नेगी, राजेंद्र रावत, नगर अध्यक्ष हरीश सती, महेश खंडूरी आदि शामिल थे।
सतपाल नेताओं का बचाव करते दिखे। हालांकि उन्होंने कहा कि सेवाओं का दुरूपयोग किया जाना गलत है। लेकिन उस क्षेत्र की वास्तविक जानकारियां और आने वाले समय में इस प्रकार की आपदाओं से कैसे निपटा जाए इसके लिए सर्वेक्षण जरूरी है।
