
चौखुटिया। ससुराल आए युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतक के पिता ने बेटे को जहर खिलाए जाने की आशंका व्यक्त करते हुए जांच की मांग की है। इधर, तहसीलदार के निर्देश पर राजस्व पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
ग्राम पंचायत ऊंचावाहन निवासी हरीश राम (28) पुत्र गुसाई राम का विवाह सात साल पहले इसी ब्लाक के कैनीखोला निवासी नंदराम की पुत्री सुनीता से हुआ था। उसके दो बेटे भी हैं। बताया गया है कि उसकी पत्नी पिछले एक माह से अपने मायके कैनीखोला में रह रही थी। जबकि हरीश राम मेरठ में नौकरी करता था।
11 जुलाई को वह मेरठ से सीधे ससुराल कैनीखोला चला आया था। 12 जुलाई को उसकी तबियत बिगड़ी। ससुराल के लोग उसे सीएचसी चौखुटिया, रानीखेत और हल्द्वानी ले गए। उसी रात सुशीला तिवारी अस्पताल हल्द्वानी में उसकी मौत हो गई। हरीश की मौत की खबर मिलने के बाद 13 जुलाई को ऊंचावाहन से हल्द्वानी पहुंचे उसके पिता और अन्य परिजन शव को गांव लाए। 14 जुलाई को उसका अंतिम संस्कार किया गया।
मृतक के पिता गुसाई राम की ओर से तहसीलदार को सौंपे पत्र में बेटे हरीश के ससुराल वालों पर साजिश करने का आरोप लगाते हुए उनके बेटे को जबरन जहर खिलाने अथवा जहर खाने के लिए मजबूर किए जाने का आरोप लगाया गया है। इधर तहसीलदार आनंद सिंह भंडारी ने बताया कि मामले की जांच शुरू हो गई है। राजस्व निरीक्षक राजेंद्र नेगी और उपनिरीक्षक अमर नाथ सिंह बिष्ट ने रविवार को मृतक की पत्नी सुनीता के बयान लिए।
पत्नी खुद को बता रही निर्दोष
चौखुटिया। मृतक की पत्नी सुनीता देवी ने राजस्व पुलिस को दिए बयान में कहा है कि उसका पति हरीश 11 जुलाई को मेरठ से कैनीखोला पहुंचा था। उसी दिन रात में उसका पेट खराब हो गया। उसकी मां ने उसे दवा दी। दूसरे दिन 12 जुलाई को वह दवा लाने बाजार गया। लौटने के बाद वह घर के आंगन में गश खाकर गिर पड़ा। उसके (सुनीता के) चिल्लाने पर गांव वाले जमा हो गए। उसे चौखुटिया अस्पताल ले गए। उसने बताया कि उसके विवाह को सात साल हो गए हैं। वह चार साल पति के साथ मेरठ और तीन साल ससुराल रही। वह लोग ननद की शादी पर गत 20 मई को गांव ऊंचावाहन आए थे। बाद में वह मायके चली आई। पति पर 20 हजार का कर्ज था। हो सकता है इसीलिए उसने ऐसा कदम उठाया हो।
अंतिम संस्कार में नहीं हुए शामिल
चौखुटिया। मृतक हरीश राम के बडे़ भाई जगदीश राम ने बताया कि उसके भाई के ससुराल का कोई भी सदस्य अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हुआ। जबकि ससुराल से मायके की दूरी मामूली है। उसने बताया उसकी पत्नी भी पति के अंतिम दर्शन के लिए नही पहुंची।
