
बालीचौकी (मंडी)। बारिश के कहर से सराजघाटी की पाठशालाएं भी नहीं बची हैं। क्षेत्र की रावमापा सलोट के तीन कमरे बारिश की भेंट चढ़ गए। जबकि सराजघाटी की राजकीय माध्यमिक पाठशाला मुहलू खमराधा के भवन का पिल्लर धंस गया है। जिससे पाठशाला के करीब 35 बच्चाें की जिंदगी खतरे में पड़ गई है। शिक्षा खंड सराज द्वितीय के अंतर्गत माध्यमिक पाठशाला मुहलू में भी बारिश से भवन का पिलर धंस गया है। जिससे तीन कमरों का भवन कभी भी ढह सकता है। अध्यापक भूरी सिंह ने बताया कि पहले तो पाठशाला की स्थिति ठीक थी, लेकिन सड़क की कटाई करने के बाद इस पाठशाला के लिए खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। तीन कमरों के ऊपर तीन और कमरों का काम भी निर्माणाधीन है। जिसके लिए विभाग से सात लाख की राशि स्वीकृत हुई है। इधर, पाठशाला के प्रभारी शिक्षक ठाकुर दास का कहना है कि इस बारे में उप निदेशक मंडी और कनिष्ठ अभियंता लोनिवि को पत्र भी भेजा था, लेकिन आज तक कोई भी जवाब नहीं आया है। स्कूल प्रबंधन समिति की अध्यक्ष जालपा देवी ने बताया कि इस विषय में जल्द ही उपायुक्त से प्रतिनिधिमंडल मिलेगा और इस समस्या का समाधान निकाल दिया जाएगा।
उधर, रावमापा सलोट में भी बारिश के चलते तीन कमरों का भवन गिर जाने से पड़ोस के दो मकानों को खतरा हो गया है। स्थानीय निवासी पूर्ण चंद, तेज राम आदि ने बताया कि रावमापा सलोट की मिडल विंग का भवन बीती रात हुई भारी बारिश से ढह गया। जिससे पाठशाला में रखे मेज और कुर्सियां क्षतिग्रस्त हुई हैं। पाठशाला में अब तीन ही कमरे बचे हैं। एक कमरे में प्रधानाचार्य का आफिस है और बच्चों के लिए केवल दो ही कमरे हैं। उप तहसील बालीचौकी के नायब तहसीलदार कृष्ण कुमार का कहना है किपाठशाला के तीन कमरे बारिश से ढह गए हैं। जिसका नुकसान लगभग चार लाख रुपए आंका गया है और रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है ।
