
लोकसभा चुनाव के मद्देनजर भाजपा में प्रत्याशी की लोकप्रियता के लिए सर्वे होने की चर्चा शुरू हो गई है। कुछ नेता दावा कर रहे हैं कि प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी आंतरिक तौर पर एक सर्वे करा चुके हैं।
हरिद्वार में मदन कौशिक अपने स्तर पर पहले से ही चुनाव अभियान शुरू कर रखा है। पिछली बार उनका टिकट काटकर साधु समाज को दे दिया गया था। क्षेत्र में लगातार उनकी सक्रियता बनी हुई है।
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उमा भारती कर रही क्षेत्र में भ्रमण
ताकि सर्वे के समय दमदार मौजूदगी रहे। लेकिन इस सीट पर मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वामी चिन्मयानंद भी जोरदार तरीके से लगे है। उमा भारती तो लगातार क्षेत्र में भ्रमण कर रही है। पूर्व सीएम रमेश पोखरियाल निशंक भी इस सीट पर निगाह लगाए हुए हैं।
टिहरी संसदीय सीट पर भले ही सीटिंग एमपी माला राज्य लक्ष्मी शाह को टिकट का मजबूत दावेदार माना जा रहा हो लेकिन चकराता व विकासनगर सीटों से अपने दम पर विधानसभा पहुंच चुके मुन्ना सिंह चौहान की सक्रियता बढ़ती जा रही है।
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टिकट का मुकाबला दिलचस्प
टिहरी उप-चुनाव में पछुवादून में उनकी धमक दिख चुकी है। सीटिंग एमपी होने के कारण यहां बहुत लंबी सूची तो नहीं लेकिन फिर भी टिकट का मुकाबला दिलचस्प होगा।
उधर, गढ़वाल से भारी भरकम पूर्व सीएम बीसी खंडूड़ी का नाम आने के बावजूद अनिल बलूनी ने भी पूरा जोर लगा दिया है।
चमोली से लेकर कोटद्वार तक बलूनी के होर्डिंग इस बात की गवाही दे रहे हैं। लेकिन इस सीट पर भी निशंक की निगाह है और इन सभी के बीच राष्ट्रीय सचिव त्रिवेंद्र सिंह रावत की अनदेखी करना भी आसान नहीं होगा। वह तो इस समय मोदी की कोर टीम में है।
भगत सिंह कोश्यारी के नाम की चर्चा
नैनीताल-ऊधमसिंहनगर से पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी के नाम की चर्चा है, लेकिन गदरपुर के विधायक अरविंद पांडे भी मजबूत दावेदारी के साथ उभर रहे है। भगतदा इस समय राज्यसभा सदस्य है और अरविंद पांडे लगातार तीसरी बार विधायक है।
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अल्मोड़ा-पिथौरागढ़ आरक्षित होने के कारण बहुत धुरंधर तो नहीं है लेकिन मौजूदा विधायक व पिछला चुनाव हारे अजय टम्टा जोर शोर से टिकट की जुगत में लगे हैं।
सर्वे के विरुद्ध टिकट देने की भी खूब चर्चा
गौरतलब है कि राज्य में विगत विधानसभा चुनाव से पहले भी भाजपा के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी ने भी दो बार सर्वे कराया था। हालांकि उस समय दबाव के चलते कई सीटों पर सर्वे के विरुद्ध टिकट देने की भी खूब चर्चा हुई थी।
