
रुद्रप्रयाग। जिला प्रशासन आपदाग्रस्त क्षेत्रों का भूगर्भीय सर्वेक्षण और उनके पुनर्वास कार्य में जुट गया है। सर्वेक्षण कर रहे भू-वैज्ञानिकों के साथ राजस्व विभाग के अधिकारियोें को भेजा जा रहा है, ताकि भू-वैज्ञानिक भू-गर्भीय सर्वेक्षण करे और राजस्व विभाग गांव की सीमा में पुनर्वास के लिए भूमि चयनित करे। इस भूमि की भूगर्भीय जांच भी मौके पर होगी। डीएम ने टीम को प्रतिदिन उप जिलाधिकारियों के माध्यम से जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए हैं।
आपदा और भूस्खलन प्रभावित जिले के 48 गांव/तोक/नगर पंचायत अगस्त्यमुनि के मोहल्लों का भू-गर्भीय सर्वेक्षण किया जा रहा है। इसके लिए जिले में तीन भू-वैज्ञानिक वाईएस सजवाण, जितेंद्र सिंह और रवि नेगी की तैनाती की गई है।
लोगों के पुनर्वास के लिए उसी गांव में भूमि चयनित की जाएगी। संबंधित एसडीएम/तहसीलदार/राजस्व उप निरीक्षक भूमि का चयन करेंगे। भूगर्भीय सर्वेक्षण की रिपोर्ट प्रतिदिन डीएम ऑफिस को प्रेषित करनी होगी।
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तुरंत करेंगे शिफ्ट
आपदा और भूस्खलन प्रभावित लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया जा सकेगा। कुछ एनजीओ और कॉरपोरेट सेक्टर ने प्री फ्रेब्रिकेटेड कमरों को बनाने की पेशकश की है। चयनित स्थान पर इन कमरों का निर्माण किया जा सकेगा। – दिलीप जावलकर डीएम रुद्रप्रयाग।
