
रामपुर बुशहर। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र देवठी में चिकित्सक और अन्य सहयोगी स्टाफ न होने से लोगों को प्राथमिक उपचार तक की सुविधा भी नहीं मिल रही है। सीपीएस (स्वास्थ्य) एवं विधायक नंदलाल की गृह पंचायत के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सक का पद दो साल से रिक्त है। फार्मासिस्ट भी नहीं है। लोगों को सर्दी जुकाम भी हो जाए, तो उपचार करवाने करीब 40 किमी दूर रामपुर आना पड़ता है। पीएचसी में रिक्त पदों को भरने की मांग बार-बार उठती रही है, लेकिन लोगों को हर आश्वासन ही मिले। ऐसे में हजारों की आबादी स्वास्थ्य सुविधा से महरूम है।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र देवठी में इस समय केवल रेडियोग्राफर, लैब तकनीशियन और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी तैनात हैं। लेकिन सबसे महत्वपूर्ण चिकित्सक और फार्मासिस्ट की तैनाती नहीं है। ऐसे में यह तीनों कर्मचारियों का कोई लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा। जब मरीज को देखने वाला कोई नहीं तो जांच कैसे होगी। पीएचसी पर कूहल, देवठी, मुनिश आदि पंचायतों की पांच हजार से अधिक की आबादी निर्भर है, मगर दो साल से यहां चिकित्सक न होने से लोगों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है। बड़े रोग तो दूर, लोगों को जुखाम और अन्य छोटे रोगों के उपचार के लिए भी रामपुर आना पड़ता है। देवठी सीपीएस (स्वास्थ्य) विधायक नंदलाल की गृह पंचायत हैं। यहीं दो साल से चिकित्सक नहीं है तो प्रदेश के बाकी हिस्सों का क्या हाल होगा इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। देवठी पंचायत के प्रधान टिकम सेन ने बताया कि यह शर्म की बात है कि सीपीएस के अपने गृह क्षेत्र के अस्पताल में चिकित्सक नहीं है।
सीएमओ डा. आरके गुप्ता ने बताया कि मामला उनके ध्यान में है। उन्होंने रिक्त पद को जल्द से जल्द भरने के प्रयास किए जा रहे हैं।
