
सरोल (चंबा)। बहुतकनीकी संस्थान सरोल से इलेक्ट्रानिक्स व कंप्यूटर ट्रेड में डिप्लोमा करने वाले 42 छात्रों को कॉलेज से बाहर कर दिया गया है। इन छात्रों ने तकनीकी शिक्षा बोर्ड की नई शर्त के मुताबिक 50 फीसदी विषयों को उत्तीर्ण नहीं किया था। इसके चलते अगस्त, 2013 में लागू नियम के मुताबिक छात्रों को संस्थान से बाहर का रास्ता दिखाया गया है। अब इन्हें पहले पिछले सेमेस्टर क्लीयर करने होंगे, तभी अगली कक्षाओं में बैठने दिया जाएगा। निकाले गए छात्रों को संस्थान में कक्षाएं नहीं लगाने दी जा रही हैं। इसके विरोध में बुधवार को कॉलेज के विद्यार्थियों ने प्रधानाचार्य के कार्यालय के बाहर नारेबाजी की और इस निर्णय का विरोध किया। छात्रों का कहना है कि पहले ऐसा नहीं होता था और प्रथम सेमेस्टर के कुछ विषयों में कंपार्टमेंट आने पर विद्यार्थी द्वितीय सेमेस्टर में बैठ सकता था और प्रथम सेमेस्टर के विषयों के पेपर दे सकता था। अब आधे सब्जेक्टों में फेल होने पर छात्रों को अगले सेमेस्टर में बैठने नहीं दिया जा रहा है।
उधर, डायरेक्टर तकनीकी शिक्षा राजेश्वर गोयल ने बताया कि यह निर्णय तकनीकी शिक्षा बोर्ड ने लिया है। वहीं तकनीकी शिक्षा बोर्ड के सचिव सुनील वर्मा ने बताया कि यह निर्णय मई, 2013 में बोर्ड की बैठक में लिया गया था। जुलाई-अगस्त में इस नई शर्त के बारे में बहुतकनीकी संस्थानों को अवगत करवा दिया गया था। नई शर्त के मुताबिक अगले सेमेस्टर में जाने के लिए मौजूदा सेमेस्टर के आधे पेपर उत्तीण होना अनिवार्य किया गया है।
प्रोस्पेक्टस में नहीं लिखी गई थी शर्त
संस्थान से निकाले गए विद्यार्थियों ने बताया कि जब उन्होंने अगस्त माह में संस्थान में प्रवेश लिया था। उस दौरान दिए गए प्रोस्पेक्टस में इस नियम के बारे में कोई जिक्र नहीं था। जनवरी माह में जब उन्होंने नोटिस बोर्ड देखा तो संस्थान की तरफ से इस संबंध में एक नोटिस लगाया गया था। अमनदीप, राहुल, अक्षय, विशाल, तनीश, नवीन, पंकज, अमन चौधरी, सूक्ष्म, दीपक, दिक्षा, मोनिका, आकाश, अविनाश, राजन, कुलदीप, दिनेश, मिनाक्षी, चैन सिंह, अजय कुमार, मनजीत, विजय ने बताया कि उन्हें इस संबंध में सूचना नहीं थी। उन्होंने तकनीकी शिक्षा बोर्ड से इस शर्त को इस सत्र में न लगाकर अगले सत्र में लगाने की मांग की है।
