
ज्यूरी (शिमला)। सराहन पंचायत के गांवों में हफ्तेभर से घरों में मटमैला पानी आने से लोगों की सेहत से सरेआम खिलवाड़ हो रहा है। दूषित पेयजल के सेवन से जलजनित रोगों के पनपने का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों ने आईपीएच विभाग से पेयजल आपूर्ति में जल्द सुधार लाने की मांग की है।
सराहन पंचायत के तहत कलै, रेवशल, शगाग, घराट, घमसोट, कठमी, बौंडा, कमडाली, नवारू, नानण, रावीं और डवारच गांव में दूषित पेयजल की सप्लाई हो रही है। घरों में लगे नलों में पानी के साथ-साथ भारी मात्रा में मिट्टी आने से आईपीएच विभाग के लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाने के दावों की पोल तो खुली ही है, इसके साथ ही यहां के लोगों की सेहत से भी खिलवाड़ हो रहा है। दूषित पेयजल से खासकर जलजनित रोग जैसे डायरिया फैलने का खतरा बढ़ गया है। हालांकि, अभी ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया है, लेकिन अगर जल्द स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति शुरू नहीं हुई तो दूषित पेयजल के सेवन के ऐसे मामले से इनकार नहीं किया जा सकता।
इधर, पंचायत समिति सदस्य सराहन गंगा सिंह समेत अन्य लोगों ने आईपीएच विभाग से आपूर्ति सुधारने की मांग की है। उन्होंने सराहन में आईपीएच सब डिवीजन में स्टाफ उपलब्ध कराने की भी मांग की है। इनका कहना है कि यहां समस्या सुनने को न तो एसडीओ है और न ही कनिष्ठ अभियंता। ऐसे में लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। इधर, विभाग के अधिशाषी अभियंता एसके शर्मा ने कहा कि फिल्टर में दिक्कत आने से ऐसा हुआ है। फिल्टर को ठीक करवाया जा रहा है और गांवों को स्वच्छ जल की आपूर्ति की जाएगी।
