सरसा नदी पर बनीं अस्थायी पुलियां बहीं

बद्दी (सोलन)। दून क्षेत्र के आधा दर्जन से अधिक अस्थायी पुलियां सरसा नदी में पानी आने से बह गई हैं। इन पुलों के बह जाने से दो दर्जन से अधिक गांवों का संपर्क अन्य स्थानों से कट गया है। शुक्रवार को इन गांवों से लोगों की आवाजाही बंद रही। कई बच्चे स्कूल भी नहीं पहुंच पाए।
दून विस क्षेत्र के शीतलपुर, लंडेवाल, कल्याणपुर, बेली खोल, केंदूवाला, नाहर सिंह, हांडाकोंडी, मंडयारपुर, दासो माजरा व चुनरी समेत एक दर्जन गांवों का संपर्क शुक्रवार को अन्य स्थानों से कट गया। इन गांवों को बेली खोल, नाहर सिंह, हांडा कोंडी, मंडयारपुर, शीतलुपुर, दोसा माजरा और चुनरी में पुल बना कर जोड़ा गया था। वीरवार को क्षेत्र में हुई तेज बारिश से सरसा नदी अचानक उफान पर आ गयी जिससे यह पुल नष्ट हो गए।
किशनपुरा पंचायत के पूर्व प्रधान दिलीप चंद चौधरी, ईश्वर ठाकुर, सनेड़ पंचायत के प्रधान कमल चौधरी, मलपुर पंचायत के प्रधान करनैल सैणी, बीडीसी सदस्य पोलू राम ने बताया कि शुक्रवार को दो दर्जन गांवों के सैकड़ों बच्चे नदी में पानी होने से स्कूल नहीं जा पाए। यहां के सैकड़ों लोग बीबीएन के उद्योगों में नौकरी करने तथा अपने कार्य के लिए जाते हैं, लेकिन नदी में पुल टूटने से लोगों को काफी दिक्कत हुई।
सनेड़ पंचायत के प्रधान कमल चौधरी ने बताया कि बेली खोल में वीरवार शाम को लखदाता पीर का मेला लगा हुआ था। सरसा नदी में पानी आने से अस्थायी पुल टूट गया। जिससे मेले में सामान बेचने के लिए लोगों के वाहन भी नदी पार ही रह गए। लोगों को ट्रैक्टर और ट्राली के माध्यम से नदी पार करवाई गई।
इस संबंध में लोनिवि के अधिशासी अभियंता संजय अत्री ने बताया कि चुनरी में झूला पुल लगाने के लिए प्राक्कलन तैयार करके भेजा गया है। वहीं शीतलुपर में नाबार्ड की ओर से पुल बनाने के लिए एस्टीमेट भेजा गया है। स्वीकृति मिलने पर निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। यह अस्थायी पुलिस लोगों ने अपने सहयोग से बनाए हुए हैं। जो बारिश में पानी के चपेट में आ जाते हैं।

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