
बरमाणा (बिलासपुर)। सर्वशिक्षित एवं बेरोजगार जनहित संघर्ष समिति का आमरण अनशन तीसरे दिन भी जारी रहा। समिति अध्यक्ष अमरजीत, सचिव अनिल कुमार आमरण अनशन पर डटे हुए हैं। उन्होंने कहा कि एसीसी कंपनी विस्थापितों, प्रभावितों से भेदभाव की नीति अपनाए हुए हैं। एसीसी से हो रहा प्रदूषण यहां के विस्थापित, प्रभावित झेलें तथा इसका लाभ बाहरी राज्यों के लोग उठाएं। इसे सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि एसीसी के विस्थापितों, प्रभावितों के बजाए एसीसी द्वारा बाहरी राज्यों को प्राथमिकता प्रदान की जा रही है। रोजगार के नाम पर भी छलावा किया जा रहा है। विस्थापितों की जमीन को कौड़ियों के भाव लिया गया था। अब विस्थापितों, प्रभावितों की मांगों को अनदेखा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब एसीसी प्रबंधन की मनमानी सहन नहीं की जाएगी। कहलूर विकास संघ के उपाध्यक्ष सुंदर लाल शर्मा ने कहा कि एसीसी में सीमेंट क्लिंकर ढुलाई के लिए विस्थापितों, प्रभावितों की दस फीसदी गाड़ियां भी नहीं हैं। जिला के दूर दराज के क्षेत्रों के लोगों को रोजगार दिया जा रहा है। इसमें हक स्थानीय लोगों का बनता है। करीब दस माह पूर्व एसीसी में करीब एक दर्जन लोगों को नौकरी दी गई। विस्थापितों, प्रभावितों को नौकरी देने के बजाए झंडूता व घुमारवीं तहसील के लोगों को रोजगार दिया गया। दर्शाता है विस्थापितों, प्रभावितों की ओर कोई भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आमरण अनशन पर बैठे हुए लोगों के लिए सरकार की ओर से वार्ता के लिए कोई भी न्यौता नहीं आया है।
