सरकार लेगी तारादेवी मंदिर के आसपास की जमीन

शिमला। राजधानी शिमला के ऐतिहासिक व सदियों पुराने धार्मिक पर्यटक स्थल तारा देवी मंदिर के आस पास की 23 बीघा भूमि का सरकार अधिग्रहण करेगी। भूमि अधिग्रहण के लिए सेक्शन चार के तहत नोटिस देने के लिए अधिसूचना जारी कर दी गई है। भाषा एवं संस्कृति विभाग की ओर से जारी अधिसूचना को पुराने भूमि अधिग्रहण नियम के तहत जारी किया गया। जिसे प्रदेश के विधि विभाग से राय लेने के बाद जारी किया गया है। प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के आदेशों पर मंदिर न्यास के अध्यक्ष व उपमंडलाधिकारी शिमला जीएस नेगी ने सरकार को दो माह पूर्व मंजूरी के लिए प्रस्ताव भेजा था। मुख्यमंत्री ने तारा देवी मंदिर की पवित्रता और यहां के प्राकृतिक सौंदर्य को बनाए रखने के उदेश्य से ही 23 बीघा निजी भूमि के अधिग्रहण करने को मंजूरी दी। विभाग से अधिसूचना जारी होने के साथ ही अधिग्रहण की प्रक्रिया आरंभ हो जाएगी। भाषा एवं संस्कृति भूमि अधिग्रहण के लिए लागू किए जाने वाले एक्ट के संबंध में विधि विभाग से राय मांगी थी, जिस पर विधि विभाग ने पुराने एक्ट के तहत अधिग्रहण करने को उपयुक्त बताया, चूंकि नया एक्ट अभी लागू नहीं हुआ है।
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नया मंदिर परिसर विकसित करने की है योजना
तारा देवी मंदिर का एक नया मंदिर परिसर विकसित करने का प्रोजेक्ट प्रस्तावित है। करीब चार करोड़ के इस प्रोजेक्ट को भाषा एवं संस्कृति विभाग ने तैयार किया है। भूमि अधिग्रहण के बाद यहां आने वाले श्रद्वालूओं की सुविधा और मंदिर की सुंदरता को कायम रखते हुए इस प्रोजेक्ट को भी सरकार से मंजूरी मिल सकती है।
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मंदिर के आस पास खडे़ नहीं हो सकेंगे निजी होटल
प्रदेश सरकार के मंदिर के आस पास की निजी भूमि का अधिग्रहण कर लेने से मंदिर और इस पवित्र स्थान की पवित्रता और प्राकृतिक सुंदरता बरकरार रहेगी। ऐसा करने से निजी भूमि मालिक यहां अपनी मर्जी से भवनों और होटलों का निर्माण नहीं कर पाएंगे।

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