
बिलासपुर।(सोनू शर्मा) परिवहन कर्मियों ने मांगों को लेकर 11 मार्च को प्रस्तावित हड़ताल के मद्देनजर गेट मीटिंग शुरू कर दी हैं। रविवार को इसकी शुरूआत बिलासपुर से की गई। संयुक्त परिवहन कर्मचारी समन्वय समिति के बैनर तले आयोजित गेट मीटिंग के दौरान विभिन्न मजदूर व कर्मचारी संगठनों ने मांगों को लेकर सरकार व निगम प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की।
रविवार को बिलासपुर में एचआरटीसी वर्कशाप के बाहर आयोजित गेट मीटिंग को संबोधित करते हुए परिवहन मजदूर संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष शंकर सिंह ठाकुर ने कहा कि दिन-रात कठोर मेहनत करने वाले परिवहन कर्मियों के प्रति सरकार का रवैया बेहद निराशाजनक है। न तो उनकी समस्याएं सुलझाई जा रही हैं और न ही मांगें पूरी की जा रही हैं। 48 घंटे का ड्यूटी रोस्टर निरस्त करने, 4-9-14 का टाइम स्केल देने, 14 माह के रात्रि भत्ते व ओवरटाइम के करोड़ों रुपये का भुगतान करने तथा चुनाव घोषणा पत्र के अनुरूप कर्मचारियाें को पांच वर्ष में रेगुलर करने जैसी मांगें ठंडे बस्ते में डाल दी गई हैं।
शंकर सिंह ने कहा कि सरकार के रवैये से ऐसा लग रहा है कि उसने परिवहन कर्मियों द्वारा पांच जून, 2012 को किए गए ऐतिहासिक आंदोलन से भी सबक नहीं सीखा है। उनकी समस्याओं व मांगों को हलके में लेना सरकार की बड़ी भूल है। यदि समय रहते मांगें पूरी न हुई तो 11 मार्च को 24 घंटे की हड़ताल की जाएगी। उससे भी बात न बनी तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। गेट मीटिंग को परिवहन मजदूर संघ के जिला अध्यक्ष प्रताप सिंह ठाकुर व संयुक्त समन्वय समिति के अध्यक्ष धर्म सिंह गुलेरिया ने भी संबोधित किया। गेट मीटिंग में कुलदीप ठाकुर, सुरेश, होशियार सिंह, पवन, कश्मीर सिंह, अब्दुल रफीक, तेलूराम, रणवीर सिंह, हेमराज, राम सिंह, केशवलाल, विपिन, सुरेंद्र कुमार, संजीव कुमार, बेलीराम, रामलाल व चुनीलाल आदि ने भाग लिया।
