
ऊधमपुर: अमरनाथ यात्रा 28 जून से शुरू हो रही है। इस संबंध में उत्तरी सेना प्रमुख लै. जनरल के.टी. परनायक ने पत्रकार सम्मेलन में कहा था कि आतंकवादी अमरनाथ यात्रा में विघ्न डालने का प्रयास करेंगे तथा इसके लिए नए हथकंडे भी अपना सकते हैं। अमरनाथ यात्रा जम्मू-कश्मीर सरकार के लिए चुनौती बन गई है। इस बार अमरनाथ श्राइन बोर्ड यात्रा को लेकर हर कदम फूंक-फूंक कर रख रहा है तथा हर प्रकार की सावधानियां बरती जा रही हैं। इस वर्ष 13 वर्ष से कम तथा 75 वर्ष से अधिक के लोगों को जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। इस बार रजिस्ट्रेशन सिर्फ उन्हीं की हो रही है जो निर्धारित सरकारी अस्पताल से स्वास्थ्य परीक्षण में सफल हो रहे हैं।
इस बार प्रतिदिन 15 हजार लोगों को अमरनाथ जाने की अनुमति मिलेगी। इस समय 3 लाख से ज्यादा लोगों ने पंजीकरण करवा लिया है तथा गत वर्ष यह संख्या साढ़े छह लाख तक पहुंच गया था। इस बार यात्रियों की संख्या गत वर्ष से ज्यादा हो जाए तो आश्चर्य की बात नहीं है, क्योंकि उत्तराखंड में आई तबाही से वहां की सारी व्यवस्था चौपट हो गई है। अब पर्यटक जम्मू-कश्मीर का रुख करेंगे जिससे सारा दबाव माता वैष्णो देवी यात्रा तथा श्री अमरनाथ यात्रा पर पडऩे की संभावना है।
यात्रा की सुरक्षा को लेकर सरकार ने भी कड़े प्रबंध करने का निर्णय लिया है। जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर सेना तथा केंद्रीय रिजर्व पुलिस को लगाया गया है तथा यात्रा जम्मू से ही प्रात: कड़ी सुरक्षा में चला करेगी तथा उन्हें निर्धारित स्थानों पर छोड़ा जाएगा। संवेदनशील क्षेत्रों में चौकसी ज्यादा बरती जा रही है, ताकि आतंकवादी किसी गतिविधि को अंजाम न दे सकें।
