
बिलासपुर। अगले वर्ष प्रस्तावित लोकसभा चुनाव के मद्देनजर बिलासपुर नगर परिषद ने बजट में हर क्षेत्र के विकास को तवज्जो दी गई है। नप में चल रही कांग्रेस-भाजपा की मिलीजुली ‘सरकार’ राज्य और केंद्र से मिलने वाली ग्रांटों पर ही आश्रित है। आय के स्रोत बढ़ाने को प्रस्ताव पारित हुए हैं, परंतु लागू करने को सरकारी मंजूरी की दरकार है। नगर परिषद अधिकार क्षेत्र में लगने वाले विभिन्न कंपनियों के होर्डिंग और विज्ञापनों का अब टैक्स वसूला जाएगा। इसका बाकायदा वायलॉज तैयार किया गया है। जिसके तहत 100 रुपये एक सप्ताह के लिए और पूरा साल लगाने के लिए 300 रुपये प्रति स्केयर मीटर की दर निश्चित की गई है।
करोड़ों रुपए के कर्ज में डूबी नगर परिषद बिलासपुर ने अपनी आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए ठोस नीति बनाई है। स्थानीय विकास के लिए तेरहवें व तीसरे वित्त आयोग से मिलने वाली ग्रांट पर निर्भरता रहेगी। नप को ग्रांट-इन-एड के रूप में साढे़ तीन करोड़ रुपए मिलने की उम्मीद है। बजट पारित होने के बाद अन्य प्रस्तावों में नगर परिषद ने सरकार के समक्ष मदद को झोली फैलाई है। भाखड़ा विस्थापित होने के कारण शहर में इस बार भी किसी तरह का हाउस टैक्स नहीं लगाने का निर्णय लिया है। नप को शराब की प्रति बोतल मिलने वाली एक रुपये की रायल्टी को पांच रुपये, बिजली की रायल्टी 1 पैसे से बढ़ाकर 15 पैसे करने की अनुशंसा की गई है। यह सरकार की मंजूरी पर ही निर्भर करेगा। नप के कार कारिंदों ने एडीएम के मार्फत सीएम को पाती लिखते हुए बीबीएम से मिलने वाली 42. 50 करोड़ रुपये की रायल्टी में से 50 प्रतिशत हिस्सा भी बिलासपुर के लिए मांगा है। नप अध्यक्ष रजनी शर्मा और उपाध्यक्ष कमलेंद्र कश्यप ने कहा कि बजट में शहर के विकास का विशेष ध्यान रखा गया है। प्रस्ताव के तहत होर्डिंग का चार्ज लगाने, बीबीएमबी से विशेष ग्रांट देने, बिजली और शराब की रायल्टी बढ़ाने का प्रस्ताव पारित कर सरकार को भेजा गया है।
