
कुल्लू। मिड-डे मील वर्कर्स यूनियन ने अपनी मांगों को लेकर वीरवार को प्रदेश स्तर पर धरना प्रदर्शन किया। मिड डे मील वर्कर्स ने सरवरी से लेकर उपायुक्त कार्यालय तक रैली निकाली और धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान मिड डे मील वर्कर्स ने अपनी मांगों को लेकर सरकार को घेरा। मानव संसाधन विकास मंत्री को उपायुक्त के माध्यम से मांग पत्र भेजा। वर्कर्स को संबोधित करते हुए यूनियन की राज्य अध्यक्ष कांता महंत ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिड डे मील वर्कर्स की ओर ध्यान नहीं दे रही है। वर्कर्स को महज 1000 रुपये वेतन मिलता है, जबकि महंगाई के इस दौर में उनक ा परिवार चलाना मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि मिड-डे मील वर्कर्स को किसी प्रकार की सामाजिक सुरक्षा का कोई प्रावधान नहीं है। पूर्व सरकार ने वर्कर्स के मानदेय में 1000 रुपये बढ़ाने का निर्णय लिया था। लेकिन, आज तक इसे लागू नहीं किया गया है। कांता महंत ने कहा कि मिड-डे मील वर्कर्स की नौकरी को स्कूल में बच्चों की संख्या के साथ न जोड़ते हुए हर स्कूल में कम से कम दो मिड डे मील वर्कर्स की नियुक्ति की जाए। उन्होंने कहा कि इस वर्कर्स को सभी प्रकार की छुट्टियां वेतन सहित मिलने के साथ ही सरकारी कर्मचारी माना जाए। सीटू के जिला अध्यक्ष भूप सिंह भंडारी और महासचिव राजेश ठाकुर ने कहा कि मिड-डे मील वर्कर्स का शोषण किसी भी सूरत में सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने सरकार को आगाह करते हुए कहा कि जल्द वर्कर्स की मांगों पर गौर नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। सभा को यूनियन के नेता सर्वदयाल, श्यामा शर्मा, किरण कुमारी, दुर्गा देवी और नीरत राम ने भी मिड-डे मील वर्कर्स के मुद्दों को उठाया।
