
हल्द्वानी। प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के पदाधिकारियों ने अपनी इकाईयों से आपदा ग्रस्त क्षेत्रों में सरकार द्वारा कराए जा रहे आपदा के कार्यों पर नजर रखने और उनकी गुणवत्ता पर ध्यान देने के निर्देश दिए हैं। व्यापारियों ने कहा कि आपदा की धनराशि की बंदरबाट बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आपदा ग्रस्त क्षेत्रों के व्यापारियों को मुआवजा दिलाने के लिए प्रतिनिधिमंडल शीघ्र मुख्यमंत्री से मिलेगा।
रामपुर रोड स्थित एक रेस्टोरेंट में बुधवार को पत्रकार वार्ता करते हुए प्रदेश महामंत्री नवीन वर्मा ने कहा कि प्रदेश में आई आपदा में व्यापारी वर्ग ने सर्वाधिक मदद की है, बावजूद इसके लोग व्यापारियों पर महंगा सामान बेचने का आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने सभी इकाइयों के पदाधिकारियों से बाहरी क्षेत्रों से आकर फेरी लगाने वालों की निगरानी करने के भी निर्देश देने की बात कही। प्रदेश संरक्षक बाबूलाल गुप्ता ने बताया कि आपदा ग्रस्त जिलों में जुलाई में होने वाले जिला सम्मेलन स्थगित कर दिए हैं। कोषाध्यक्ष एनसी तिवारी ने केदारघाटी, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी जिलाें में आई आपदा के दीर्घकालीन दुष्प्रभाव बताए। दैवीय आपदा में करीब 300 व्यापारियों ने भी व्यापारिक नुकसान के साथ-साथ जनहानि झेली है। प्रांतीय संयुक्त महामंत्री ओमप्रकाश अरोरा और उपाध्यक्ष प्रमोद गोयल, जिलाध्यक्ष विपिन गुप्ता ने भी विचार रखे। इस मौके पर जसविंदर भसीन, संतोष कबड़वाल, मनोज गुप्ता, सुमित्र केसरवानी, दयाल तिवारी, अनुज गुप्ता आदि मौजूद थे।
