सरकार की चूक के कारण राहत कार्यों में देरी

बागेश्वर। पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खंडूरी ने कहा है कि आपदा से उत्तराखंड में भारी तबाही हुई है। सरकार की चूक के कारण राहत कार्यों में देरी हुई। अब नव निर्माण की चुनौती है। उन्होंने कहा कि इस तरह की आपदाओं को कम करने के लिए विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन कायम करने की आवश्यकता है।
यहां लोनिवि विश्राम गृह में पत्रकार वार्ता में श्री खंडूरी ने कहा कि 1970 में जोशीमठ में बादल फटने से बड़ी तबाही हुई थी। इसके बाद इस साल भीषण तबाही हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार की लापरवाही के कारण आपदा प्रबंधन में देरी हुई। जिससे अधिक नुकसान हुआ। दो महीने बीत चुके हैं। किंतु जनजीवन पटरी पर नहीं आ सका है। सड़कें बंद होने के कारण लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाने में दिक्कतें आ रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लोगों के विस्थापन के लिए भूमि का अभाव है। इसकी व्यवस्था की जानी चाहिए। श्री खंडूरी ने कहा कि उत्तराखंड में विकास जरूरी है, किंतु विकास के नाम पर पर्यावरण को नुकसान नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने राज्य में छोटी जल विद्युत परियोजनाओं की हिमायत की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की नाकामी के कारण दुनिया में भारत की छवि कमजोर हुई है।

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