सरकार की अनदेखी से कंप्यूटर शिक्षक खफा

जवाली (कांगड़ा)। हिमाचल प्रदेश कंप्यूटर शिक्षक संघ के प्रदेशाध्यक्ष दलजीत मिन्हास ने प्रदेश सरकार से हाईकोर्ट के निर्देशानुसार सरकारी स्कूलों में कार्यरत कंप्यूटर शिक्षकों के लिए शीघ्र स्थायी नीति बनाने की मांग की है। कहा कि प्रदेश के विभिन्न स्कूलों में कार्यरत 1535 कंप्यूटर शिक्षक आज तक कंपनी के हाथों शोषित होते रहे हैं। पुरानी कंपनी ने प्रदेश कंप्यूटर शिक्षक से बतौर सिक्योरिटी और ईपीएफ पांच हजार रुपये लिए थे। राशि को आज दिन तक वापस नहीं किया गया है। मौजूदा नीलेट सोसायटी चंडीगढ़ ने मार्च माह से लेकर आज तक वेतन नहीं दिया है। इससे कंप्यूटर शिक्षकों को मानसिक और आर्थिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। वर्तमान में सरकारी माध्यमिक 1335 स्कूलों में करीब 90 हजार शिक्षार्थी कंप्यूटर शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं और इसकी एवज में प्रति शिक्षार्थी 110 रुपये मासिक फीस वसूल की जाती है। हिसाब के अनुसार प्रत्येक माह 2 करोड़ रुपये से ज्यादा फीस शिक्षा विभाग के खाते में जमा होती है। इसके बावजूद कंप्यूटर शिक्षकों को चार-चार माह से वेतन न दिया जाना समझ से परे है। उन्होंने प्रदेश सरकार से कई बार इस समस्या से अवगत करवाया मगर शिक्षा विभाग ने कोई भी कार्रवाई नहीं की है। संघ अतिशीघ्र मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से अपनी समस्याओं को लेकर मिलेगा। कंप्यूटर शिक्षकों को वेतन की अदायगी और प्र्रदेश उच्च न्यायालय के निर्णय को अतिशीघ्र लागू करने का आग्रह किया जाएगा।

Related posts