
मंडी। सरकार की मांगाें के प्रति अनदेखी पर आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स यूनियन बिफर गई है। रविवार को प्रदेश कार्यकारिणी की मंडी में बैठक हुई। जिसमें सरकार के ढुलमुल रवैये पर यूनियन ने कड़ी नाराजगी जाहिर की। प्रदेशाध्यक्ष इंदिरा ठाकुर ने ऐलान किया कि मांगाें को लेकर यूनियन 12 नवंबर को शिमला में रैली निकालेगी। इससे पूर्व 25 सितंबर को समस्त जिला मुख्यालयों पर सीटू के बैनर तले प्रदर्शन किए जाएंगे।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए राज्य प्रधान इंदिरा ठाकुर ने कहा कि अब सरकार की अनदेखी को और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कहा कि कार्यकर्ताओं को आहार अपने मानदेय से खरीदना पड़ रहा है। मगर उसके बिल कई माह बाद भी विभाग अदा नहीं कर रहा है। मांग की गई कि आशा वर्करों का कार्य भी आंगनबाड़ी कर्मचारियों को दिया जाए। राज्य अध्यक्ष ने कहा कि यदि मांगों पर जल्द सुनवाई नहीं हुई तो 12 दिसंबर को दिल्ली में संसद का घेराव किया जाएगा। यूनियन की मांग है कि आंगनबाड़ी कर्मियों को पंजाब के बराबर वेतन दिया जाए, सुपरवाइजराें के खाली पद जल्द भरे जाएं एवं इनमें नब्बे प्रतिशत रिक्त पद कार्यकर्ताआें से भरे जाएं, आंगनबाड़ी कर्मियों को सरकारी कर्मचारी घोषित किया जाए, आईसीडीएस परियोजना को गैर सरकारी संगठनाें को न सौंपा जाए। यूनियन केंद्रों में दिया जाने वाला आहार विभाग की ओर से उपलब्ध करवाया जाए। इस अवसर पर राज्य सचिव सरोज शर्मा, बवीता, पुष्पा, लज्जा, राजकुमारी, सुमित्रा, निर्मल सूद, खीमी भंडारी, निर्मला चौहान, हिमाचली, हमिंद्री शर्मा, सीटू के राज्य महासचिव डा. कश्मीर ठाकुर, राज्य प्रधान जगत ठाकुर, उपप्रधान भूपेंद्र सिंह, रमाकांत मिश्रा आदि उपस्थित रहे।
