सरकार और अफसरों पर भड़के लोग

रुद्रप्रयाग। आपदा के चार रोज बाद आए सीएम विजय बहुगुणा, आपदा प्रबंधन मंत्री यशपाल आर्य, मुख्य सचिव सुभाष कुमार को लोगों की नाराजगी झेलनी पड़ी। लोगों ने प्रभावितों के बारे में सही जानकारी न मिलने और और रेस्क्यू ऑपरेशन को गंभीरता से न लेने पर आक्रोश व्यक्त किया। आक्रोश उस वक्त और बढ़ गया जबकि रेसक्यू को जा रहे जवानों के बजाय हैलीकाप्टर विधायक और अफसरों के हवाले कर दिया गया। इसके विरोध में जमकर नारेबाजी की गई।
सुबह 11 बजे अफसरों के साथ सीएम हेलीपैड पर उतरे। करीब 10 मिनट रुककर जाने लगे तो तो नाराज लोगों ने हेलीपैड की ओर जाने की कोशिश की। इन्हें पुलिस ने रोका और सीएम का हैलीकॉप्टर उड़ गया। इस बीच सेना के जवानों को रेस्कयू के लिए केदारनाथ ले जा रहे दूसरे हैलीकाप्टर से विधायक शैला रावत और प्रमुख सचिव को भेज दिया गया। इससे लोग भड़क गए। किसी तरह मामला शांत किया गया। अचानक यह चॉपर दोबारा हेलीपैड पर आ गया। इस बार लोग रस्सा हटाकर चॉपर के पास ही पहुंच गए। लोगों ने नेताओं और अफसरों के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।
लोगों ने विधायक और प्रमुख सचिव घेर लिया और कहा कि केदारनाथ सहित विभिन्न स्थानों पर सैकड़ों लोग लापता हैं। राहत सामग्री हैलीपैड पर मंगलवार से पड़ी हुई है। लेेकिन हैलीकॉप्टरों ने नेता और अफसर घूम रहे हैं। सच्चाई को सामने आने से रोकने के लिए, इसलिए लोकल मीडिया को सूचना नहीं दी जा रही है।

नसीहत देकर चले गए सीएम
रुद्रप्रयाग। सीएम ने देरी से राहत के सवाल पर विधायक शैला रानी रावत और पत्रकारों को नसीहत दी। दरअसल, विधायक ने सीएम ने कहा कि जगह-जगह सैकड़ों लोग फंसे हैं। लोगों को दवा, भोजन-पानी नहीं मिल पा रहा है। इस पर सीएम ने झिड़कते हुए कहा कि गलत बात मत करो। केदारनाथ में कोई नहीं है। मुश्किल से पत्रकारों से बात करने को राजी सीएम ने कहा कि ‘पैनिक मत फैलाएं। पूर तंत्र मदद में लगा है। केदारपुरी सहित अन्य स्थानों पर भारी जन हानि हुई है। इसका आकलन करना अभी मुश्किल है।

मौसम के कारण देरी से शुरू हुआ ऑपरेशन
रुद्रप्रयाग। रेसक्यू ऑपरेशन की देरी के सवाल पर प्रमुख सचिव राकेश शर्मा ने बताया कि मौसम ठीक न होने के कारण 18 जून से अभियान शुरू हो पाया। एक दिन में 850 लोगों को बचाया गया। 50 जवानों को विशेष तौर पर गौरीकुंड में हैलीपैड बनाने के लिए चॉपर से उतारा जाएगा। बृहस्पतिवार तक गौरीकुंड से लोगों को निकाल दिया जाएगा।

यात्रियों ने किया प्रदर्शन
उत्तरकाशी। चार दिनों से गंगोत्री और यमुनोत्री मार्ग पर फंसे यात्रियाें का अब प्रशासन से भरोसा उठने लगा है। बुधवार को मातली में फंसे जयपुर के यात्रियों ने मार्ग खोलने की मांग पर प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया।
भूस्खलन के कारण बंद पड़े इस राजमार्ग पर बीस हजार से अधिक यात्री चार दिनों से विभिन्न स्थानों पर फंसे हुए हैं। मार्ग नहीं खुलने से यात्रियों का गुस्सा बढ़ रहा है। बुधवार को मातली में फंसे जयपुर और स्थानीय यात्रियों ने राजमार्ग पर शासन-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। जयपुर से आए लक्ष्मण और हेमराज का कहना था कि चार दिन बाद भी प्रशासन उनके हालचाल जानने तक नहीं पहुंचा। किच्छा नैनीताल के नवीन गोयल का कहना था कि घर न पहुंचने से उनके परिजन परेशान हैं।

Related posts