
मंडी। बेरोजगार संगीत अध्यापक एवं प्राध्यापक संघ की बैठक में विभिन्न मांगों पर चरचा की गई। बैठक की अध्यक्षता शैला संगीत कला केंद्र के संचालक एवं संघ के प्रधान रजनीश गौतम ने की। संघ ने सरकार से मांग की है कि प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों में संगीत विषय को अनिवार्य किया जाए।
बुधवार को आयोजित बैठक में बेरोजगार संगीत अध्यापक एवं प्राध्यापक संघ ने एनसीईआरटी के उस फैसले का स्वागत किया, जिसमें संगीत विषय को स्कूलों में अनिवार्य विषय के रूप में पढ़ाने का निर्णय लिया गया। बैठक में संघ के प्रधान रजनीश गौतम ने कहा कि केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय, डीपीएस व डीएवी सभी शिक्षण संस्थानों में संगीत विषय का विशेष प्रावधान है, लेकिन प्रदेश के सरकारी स्कूलों में संगीत विषय की शिक्षा ग्रहण करने से बच्चे वंचित हैं। उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार राष्ट्रीय एकता के लिए संगीत के माध्यम से जोड़ने की बात करती है तो दूसरी तरफ प्रदेश के स्कूलों में संगीत विषय को बाहर किया गया।
उन्होंने कहा कि स्कूल स्तर पर कई सांस्कृतिक कार्यक्रम व प्रतियोगिताएं आयोजित होती हैं। खंड व राष्ट्रीय स्तर पर भी सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं का आयोजन होता है। इसमें स्कूली बच्चों व अध्यापकों को अपनी सांस्कृतिक विरासत को दर्शाने का अवसर मिलता है। इसके लिए सरकार के पास धन का प्रावधान होता है। इसके बावजूद भी सरकारी स्कूलों में संगीत विषय के अध्यापकों क्यों नहीं है। उन्होंने सरकार से सभी सरकारी स्कूलों में संगीत विषय शुरू करने के साथ ही अध्यापकों को नियुक्त करने की मांग की है। बैठक में चितरंजन भारती, प्रकाश चंद, संजय कुमार, चिरंजीव भारद्वाज, राजेंद्र कुमार, जय प्रकाश, नवीन राठौर, राजीव कुमार, सुमन कुमारी, मनोज कुमार, परल नानक, गौरव मेहता व कमल आदि मौजूद थे।
