
सरकाघाट (मंडी)। उपमंडल मुख्यालय पर गंदगी की समस्या का समाधान अभी तक नहीं हो पाया है। समस्या लोगाें के लिए जी का जंजाल बन गई है। लेकिन प्रशासन और विभाग कोई सुध नहीं ले रहा। आलम यह है कि कई सरकारी भवनों में बने सीवरेज के सेप्टिक टैंक लीकेज कर रहे हैं। गंदगी रास्तों तक फैल रही है। इससे प्रदूषण एवं सड़ांध के मारे बीमारियाें का खतरा बढ़ गया है। लेकिन प्रशासन की लापरवाही लोगाें पर भारी पड़ रही है।
स्थानीय वमापा सरकाघाट, पुलिस स्टेशन और नागरिक अस्पताल की गंदे पानी और मलमूत्र निकासी के लिए बनाईं नालियां क्षतिग्रस्त पड़ी हैं। अस्पताल के शौचालयों में मल निकासी के लिए बनाई पाईप फटने से महीनों से गंदगी लगातार खुले में बह रही है। गंदगी सीधे साथ लगते जलस्रोतों में मिल रही लेकिन महीनों बाद भी समस्या को दूर नहीं किया जा सका। स्थानीय नगर विकास समिति के अध्यक्ष सोहन लाल गुप्ता, सदस्य जगदीश राणा, राम प्रकाश, पवन कुमार, पूर्व नपं उपाध्यक्ष अश्वनी गुलेरिया और व्यापार मंडल अध्यक्ष ओम प्रकाश ठाकुर का कहना है कि समस्या को लेकर दो माह पूर्व नगर विकास समिति का प्रतिनिधिमंडल एसडीएम सरकाघाट से मिला था। लोनिवि और आईपीएच विभाग के अधिकारियों के साथ मौका भी किया था।
एसडीएम ने विभागीय अधिकारियों को पंद्रह दिन में समस्या के समाधान के आदेश दिए थे लेकिन लोगाें का कहना है कि संबंधित विभागों द्वारा कोई भी कार्रवाई नहीं की गई। लोनिवि के अधिशाषी अभियंता आरके गर्ग और आईपीएच विभाग के अधिशाषी अभियंता आरएस ठाकुर से बात की तो दोनों ने समस्या का शीघ्र समाधान करवाने का आश्वासन दिया।
