
चंबा। जिला में जनऔषधि केंद्र पर लोगों को सस्ती दवाइयां मुहैया करवाए जाने की व्यवस्था का जायजा लेने पहुंची संसदीय समिति की आंखों में धूल झोंकने की कोशिश नाकाम हो गई है। करीब छह माह से बंद पड़े इस जनऔषधि केंद्र को गोपीनाथ मुंडे की अध्यक्षता वाली 14 सदस्यीय पार्लियामेंट कमेटी के निरीक्षण के लिए सजा कर रखा गया था, मगर स्वास्थ्य विभाग की नाकामी छिप नहीं पाई। शुक्रवार को अपने तय कार्यक्रम के तहत संसदीय समिति दोपहर एक बजे के करीब चंबा पहुंची। समिति के चेयरमैन गोपीनाथ मुंडे की अगुवाई में सभी सदस्य पहले सीएमओ कार्यालय पहुंचे और यहां कुछ देर रुकने के बाद जिला अस्पताल परिसर में बनाए गए जनऔषधि केंद्र गए। इस दौरान उनके साथ सीएमओ डा. राकेश वर्मा, एमएस डा. विनोद शर्मा और अन्य चिकित्सक भी मौजूद रहे। इस दौरान गोपीनाथ मुंडे ने स्वास्थ्य अधिकारियों से जनऔषधि केंद्र में मौजूद दवाओं की संख्या और बिक्री के बारे में पूछा तो बंद पड़े इस केंद्र में बरती गई लापरवाही का भंडाफोड़ हो गया। समिति के सदस्यों ने खास तौर पर इस केंद्र को चलाने वाले व्यक्ति के बारे में पूछा, तो उन्हें पता चला कि अभी तक इसे चलाने वाला कोई नहीं है। यहां मौजूद व्यक्ति महज दिखावे के लिए तैनात किया गया था। इसके अलावा जब यह पूछा गया कि यहां कितने प्रकार की दबाएं रखी गई हैं, तो जवाब सुन कर समिति के सदस्य चौंक गए। उन्हें नाममात्र की संख्या बताई गई, इस पर समिति ने कहा कि जनऔषधि केंद्र के लिए कुल 135 प्रकार की दवाएं मुहैया करवाई जा रही हैं। लिहाजा यहां भी पूरी दवाएं रखी जाएं। साथ ही कहा गया कि यहां पर जल्द से जल्द स्थायी फार्मासिस्ट की तैनाती कर मरीजों को यहां की दवाएं मुहैया करवाई जाएं। इसके बाद समिति ने सीएमओ कार्यालय के सभागार में स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक से मीडिया को पूरी तरह दूर रखा गया। सीएमओ डा. राकेश वर्मा ने बैठक और अन्य किसी प्रकार की जानकारी मुहैया करवाने के इनकार किया। उन्होंने कहा कि उन्हें इस संबंध में बताने की इजाजत नहीं है। उधर, उपायुक्त संदीप कदम ने कहा कि समिति के आने की सूचना मिली थी, मगर चुनाव आचार संहिता के चलते प्रशासन ने समिति से दूरी बनाए रखी। सिर्फ तय कार्यक्रम के तहत समिति ने जन औषधी केंद्र का दौरा किया और फर्टिलाइजर से संबंधित जानकारी एकत्रित की है। समिति के साथ नेशनल फर्टिलाइजर लिमिटेड सहयोग कर रहा है।
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असहयोग के चलते आई यह नौबत
जिला अस्पताल चंबा का जनऔषधि केंद्र डाक्टरों का सहयोग न मिलने और जिला अस्पताल की रोगी कल्याण समिति की ओर से दवाई की खरीद न करने के कारण फेल हुआ था। यहां तैनात फार्मासिस्ट के लिए चाय-पानी का खर्चा निकालना मुश्किल हो गया था। इस कारण वह दिसंबर माह में इसे छोड़ कर चला गया था। इसके बाद से यहां ताला लटका हुआ था। अब समिति के दौरे के चलते इसे खोल कर सजाया गया था, मगर दवाओं की बिक्री नहीं की जा रही थी।
