समझौते को नहीं मान रहा प्रबंधन

बिलासपुर। कोलबांध विस्थापित एवं प्रभावित विकास परिषद ने करीब दो माह पूर्व हुए समझौते को अमलीजामा पहनाने में हो रही देरी पर गहरा रोष जताया है। संगठन का कहना है कि समझौते में जिन मुद्दों पर सहमति बनी थी, परियोजना प्रबंधन उन्हें दरकिनार करके मनमाने ढंग से काम कर रहा है। बुधवार को संगठन के एक प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त से मुलाकात करके मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की।
बाबूराम ठाकुर, अनिल ठाकुर, पवन ठाकुर, अनिल गौतम, सुरेश गौतम, राजेश ठाकुर, पवन चौधरी, प्रकाश चंद, धनीराम तथा रामलोक ने कहा कि कोलबांध विस्थापितों तथा प्रभावितों का परियोजना प्रबंधन के साथ समझौता हुआ था। करीब दो माह बीत जाने के बाद भी उस पर अमल नहीं किया जा रहा है। एनटीपीसी के अधीन कार्य कर रही एक कंपनी में बाहरी लोगों को रोजगार देने के साथ ही टेंडर भी उन्हीं को दिए जा रहे हैं। एक अन्य कंपनी विस्थापितों को बाहर का रास्ता दिखाकर बाहरी लोगों के टेंडर रिन्यु कर रही है। वहीं, एक कंपनी में बाहर की गाड़ियों को तवज्जो दी जा रही है।
संगठन के नुमाइंदों ने कहा कि जिन विस्थापितों तथा प्रभावितों को रोजगार मिला है, उन्हें बुरी तरह से प्रताड़ित किया जा रहा है। हालात ऐसे पैदा किए जा रहे हैं कि उन्हें नौकरी छोड़नी पड़े। समझौते के बावजूद इस तरह की स्थिति से विस्थापित तथा प्रभावित खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि मामले में हस्तक्षेप कर परियोजना प्रबंधन से समझौता लागू करने को कहा जाए।

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