सभी प्राकृतिक स्रोत 100 फीसदी तक रिचार्ज

चंपावत। जल संस्थान की टंकियों में पानी की सप्लाई करने वाले सभी प्राकृतिक स्रोत इस बार जुलाई में ही 100 प्रतिशत से अधिक रिचार्ज हो गए हैं। हर स्रोत ओवरफ्लो हो गया है। नगर के तीनों फेजों में बनाई गई पेयजल वितरण टंकियां हर वक्त भरी रहती हैं। प्राकृतिक स्रोतों का जल स्तर बढ़ने से इस बार जल संस्थान को पेयजल बांटने के लिए अतिरिक्त इंतजाम नहीं करने पड़े।
गतवर्ष मानसून की पहली बारिश तीन जुलाई को हुई थी। जून का महीना सूखा बीता था। गतवर्ष जुलाई में भी बारिश का स्तर संतोषजनक नहीं रहा। इस कारण जल संस्थान को जुलाई के मध्य तक भी टैंकरों से पेयजल वितरण की व्यवस्था करनी पड़ी। इस बार स्थिति ठीक इससे उलट है। 15 से 17 जून तक यहां 300 मिलीमीटर से अधिक वर्षा हुई। उसके बाद भी लगातार बारिश का क्रम जारी है। जल संस्थान के अवर अभियंता एसएस थापा ने बताया कि नगर के फेज एक में 180 किलोलीटर (केएल) क्षमता की टंकी बनी है। इस टंकी में चौड़देव और सौड़खोला स्रोत से पानी पहुंचाया जाता है। दोनों स्रोत 100 प्रतिशत से अधिक पानी रिचार्ज कर रहे हैं। फेज दो में 110 किलोलीटर की टंकी को च्यूराखर्क, थूम, सैण स्रोत से पानी मिलता है। यह स्रोत भी पूरा पानी रिचार्ज कर रहे हैं। फेज तीन में 60 किलोलीटर की टंकी है। इसको छीड़ापानी स्रोत से और पूल्ड आवास की 110 केएल की टंकी में दुगधारी स्रोत का पानी पहुंचता है। सभी स्रोत पूरे प्रवाह में बह रहे हैं।

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