
दो महीने के भीतर छठवीं बार खादर के गांवों में घुसा आफत का पानी अब उतर गया है। बाढ़ का पानी उतरने के बाद ग्रामीणों और प्रशासन ने राहत की सांस ली है।
हालांकि, कई जगह अभी रास्तों में पानी जमा है, जिससे आवाजाही में दिक्कतें उठानी पड़ रही है। नौ अगस्त को छठवीं बार गंगा का पानी गंगदासपुर, शेरपुरबेला, पंडितपुरी, गिद्दावाली, दल्लेवाला समेत करीब 16 गांवों में घुस गया था।
बाढ़ के चलते लोगों का जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया था। बच्चों का शिक्षण कार्य बंद हो गया था। ग्रामीण घरों में दुबकने को मजबूर हो गए थे। 11 गांवों का पानी तो सोमवार तक उतर गया था। मंगलवार को गंगदासपुर, शेरपुरबेला, पंडितपुरी, गिद्दावाली, दल्लेवाला गांव से भी पानी उतर गया गया। पानी उतरने से लोगों की दिनचर्या पटरी पर लौटनी लगी है।
टीम नहीं पहुंची पाई
लक्सर में खानपुर-दाबकी खेड़ा मार्ग पर पानी भरे होने से स्वास्थ्य विभाग की टीम दाबकी खेड़ा गांव में नहीं पहुंच पाई। स्वास्थ्य टीम को दाबकी खेड़ा गांव जाकर लोगों के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी लेनी थी। डिप्टी सीएमओ अनिल वर्मा ने बताया कि टीम को अन्य गांव में भेज दिया गया है। उनका कहना है मार्ग से पानी उतरने के बाद टीम को दाबकी खेड़ा भेजा जाएगा।
रास्तों की मरम्मत शुरू
लक्स के बाढ़ से क्षतिग्रस्त मार्गों एवं पुलिया के मरम्मत का कार्य प्रशासन ने शुरू करा दिया है। एसडीएम उत्तम सिंह चौहान ने बताया कि बाढ़ से बही रायसी की पुलिया, चंद्रपुरी-खानपुर मार्ग का मरम्मत कार्य शुरू करा दिया है।
