
गोहर (मंडी)। जंजैहली घाटी में बगस्याड़ के समीप बादल फटने से पुल टूटने के कारण अभी तक नए बैली ब्रिज का निर्माण पूरा नहीं हो सका है। इस पुल का निर्माण न होने के कारण घाटी के लोगों को आवागमन करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बगस्याड़ और आसपास के क्षेत्रों में आजकल नगदी फसलें आलू, गोभी और फूलों का बंपर उत्पादन हुआ है। इन्हें समय पर मंडियों तक पहुंचाने में किसानों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
चैलचौक सब्जी मंडी के प्रधान रमेश ठाकुर ने बताया कि सराज घाटी में फसलों को बगस्याड़ पुल से निकालने में किसानों और व्यापारियों का अधिक समय बर्बाद हो रहा है। क्षेत्र के किसानों महेंद्र कुमार, खुमेंद्र, नारायण सिंह, तेज सिंह ठाकुर, मोहर सिंह, गौरजा शर्मा, तिलक राज और हुकम चंद ने बताया कि बगस्याड़ में बैली ब्रिज न बनने से उनको फसलों को समय पर मंडियों में पहुंचाने में दिक्कतें पेश आ रही हैं। सराज सब्जी फल उत्पादक संघ के प्रधान चतर सिंह ठाकुर ने बताया कि पुल को टूटे हफ्ता होने वाला है मगर लोनिवि बगस्याड़ में बैली ब्रिज का निर्माण नहीं कर सका है। इससे क्षेत्रवासियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा रहा है। जंजैहली घाटी में अधिकतर किसान आलू, मटर और गोभी की खेती करते हैं। सेब सीजन भी शुरू होने वाला है।
लोनिवि के अधिशासी अभियंता केके शर्मा ने बताया कि बैली ब्रिज का निर्माण कार्य युद्धस्तर पर चला हुआ है। जल्द पुल का निर्माण कर लोगों की दिक्कतों का दूर किया जा रहा है। विधायक जयराम ठाकुर ने सरकार और लोनिवि से मांग की है कि बगस्याड़ में बैली ब्रिज जल्द तैयार किया जाए ताकि लोगों को कोई परेशानी न आए।
