
शिमला। नगर निगम की दुकानों को सबलेट करने वाले कारोबारियों के हाथ से उनकी दुकानें चली जाएंगी। निगम प्रशासन ने सबलेट दुकान में कारोबार कर रहे वर्तमान कारोबारी के नाम दुकान करने की अधिसूचना जारी कर दी है। कारोबारी से जुर्माने की राशि वसूल कर निगम दुकान नाम करेगा। इस संबंध में पंफलेट बांट कर कारोबारियों को जागरूक भी किया जाएगा। अधिसूचना जारी होने की पुष्टि निगम आयुक्त अमरजीत सिंह ने की है।
नगर निगम ने शहर में करीब एक हजार दुकानों को बोली के माध्यम से किराये पर दिया हुआ है। लोअर बाजार, सब्जी मंडी, लक्कड़ बाजार, पदमदेव कांप्लेक्स, मिडिल बाजार कांप्लेक्स, बालूगंज, ओल्ड मोटर बैरियर, ढली और नाभा में ये दुकानें स्थित हैं। संपदा शाखा के मुताबिक करीब दो सौ दुकानों को बोली लगाने वाले कारोबारियों ने सबलेट किया हुआ है। सबलेट की गई दुकानों की स्थिति को जांचने के लिए निगम ने बीते दिनों एक कमेटी का गठन किया था। कमेटी की रिपोर्ट के मुताबिक जिस दुकानदार को निगम ने दुकान दी है, उस कारोबारी ने किसी और को दुकान सबलेट कर दी है। निगम ने किराया पुराने रेट पर तय किया हुआ है, जबकि दुकान का मालिक उसे नई दरों पर किराये पर चढ़ा कर चांदी कूट रहे हैं। इसके चलते कमेटी ने सिफारिश की है कि वर्तमान कारोबारी के नाम दुकान कर दी जाए। इसी आधार पर निगम प्रशासन ने अधिसूचना जारी की है।
