
सीबीआई करेगी जांच
कई जांच रिपोर्टों के बावजूद मामले पर कार्यवाही से बच रहा विभाग सीबीआई जांच का नाम आते ही हड़कंप मच गया है। माना जा रहा है कि जांच अगर सीबीआई करती है तो उसके हाथ कइयों के गिरेबान तक पहुंचेंगे।
सूचना आयोग की सिफारिश को सीबीआई को भेजे जाने के संकेत प्रमुख सचिव स्वास्थ्य ने दिये हैं। हालांकि जांच सौंपे जाने का अंतिम फैसला सरकार लेगी। रुड़की ड्रग वेयरहाउस में 22 लाख रुपए की एक्सपायर दवाएं मिलने के मामले में पांच वर्ष तक कोई कार्यवाही नहीं हुई।
तीन जांच रिपोर्टों अब तक आ चुकी हैं। एक रिपोर्ट में दोषी तक चिन्हित हैं। सूचना आयोग के निर्देश पर साढ़े ग्यारह करोड़ कुल दवा खरीद की चौथी जांच महानिदेशालय स्तर से शुरू हुई लेकिन उसमें जांच कमेटी ने हाथ खड़े कर दिए।
अब जब सूचना आयोग ने सीबीआई जांच की सिफारिश से विभाग में खलबली मची हुई है। प्रमुख सचिव स्वास्थ्य ओम प्रकाश ने कहा कि सूचना आयुक्त की सीबीआई जांच सिफारिश को माना जा सकता है।
सीबीआई उठा सकती है पर्दा
दवा खरीद में बरती अनियमितताएं कई जांचों के बाद सामने आ चुकी हैं, लेकिन अब भी उसपर पर्दा पड़ा है। शासन लोकायुक्त को रिपोर्ट दे चुकी है कि अनियमितताएं हुई हैं, लेकिन सरकार कार्यवाही करने से बच रही है।
शासन और विभाग की जांच रिपोर्ट पर जब कार्यवाही नहीं हुई तो अब सीबीआई जांच को करवा कर हकीकत का पता लगाया जा सकता है। एक सप्ताह के भीतर आयोग के फैसले की कापी शासन में पहुंच जाएगी जिसके बाद यह तय होगा कि जांच सीबीआई को जाएगी या नहीं।
