
लखनउ: केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश ने मुजफ्फरनगर दंगों पर नियंत्रण करने में सुस्ती दिखाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार की आलोचना करते हुए उन दंगों को भाजपा और समाजवादी पार्टी की तरफ से वर्ष 2014 में होने वाले लोकसभा चुनाव की तैयारी का हिस्सा करार दिया है।
रमेश ने आज यहां संवाद्दाताओं से बातचीत में कहा, ‘‘मुझे लगता है कि मुजफ्फरनगर से 2014 लोकसभा चुनाव की तैयारी शुरू हो चुकी है।…यह समाजवादी पार्टी और भाजपा का ट्रेलर है।’’उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा ने जब अमित शाह को उत्तर प्रदेश का प्रभारी बनाया, तभी उसका इरादा जाहिर हो गया था कि वह लोकसभा चुनाव को सांप्रदायिक ध्रुवीकरण के सहारे लडना चाहती है।
शायद समाजवादी पार्टी भी ऐसा समझती है कि इसमें उसे भी फायदा होने वाला है।’’ रमेश ने प्रदेश सरकार पर मुजफ्फरनगर में हुए दंगों को नियंत्रित करने में सुस्ती दिखाने का आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री और प्रदेश सरकार ने जिम्मेदारी पूर्वक अपने दायित्व का निर्वहन नहीं किया।
उन्होंने कहा, ‘‘प्रदेश सरकार ने अपनी जिम्मेदारी निभाने में गंभीरता नहीं दिखाई ..न तो स्थिति को समझने की कोशिश हुई और न ही सरकार का कोई प्रतिनिधि ही वहां गया।’’रमेश ने कहा कि वह तो जब प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और संप्रग अध्यक्षा सोनिया गांधी द्वारा मुजफ्फरनगर दौरे की घोषणा कर दी तो मुख्यमंत्री अखिलेश उनके दौरे से एक दिन पहले वहां पहुंचे।
