
काशीपुर। छोटा जीजीआईसी विद्यालय की दुर्गति का समाचार छपने के बाद जागे शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बरसात में स्कूल चलाने के लिए वैकल्पिक स्थान ढूंढना शुरू कर दिया है। साथ ही भवन की मरम्मत कराने के लिए प्रस्ताव बनाना भी शुरू कर दिया है।
अमर उजाला ने अपने 23 जून के अंक में ‘लिंटर से झांक रही सरिया, पानी में कक्षा’ शीर्षक से छोटा जीजीआईसी विद्यालय का समाचार प्रमुखता से प्रकाशित किया था। समाचार छपने के बाद हरकत में आए शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने खंड शिक्षाधिकारी को विद्यालय का निरीक्षण कर एक जुलाई से पूर्व विद्यालय को किसी वैकल्पिक स्थान में शिफ्ट करने के निर्देश दिए हैं। दरअसल मुख्य बाजार में कक्षा एक से पांच तक छात्राओं के लिए छोटा जीजीआईसी विद्यालय हैं, लेकिन सालों से मरम्मत नहीं होने से भवन की स्थिति बेहद खराब है। पीने के पानी के लिए भी लगे हैंडपंप खराब पड़े हुए है। शौचालयों की स्थिति बदत्तर है।
इसके अलावा बरसात में विद्यालय परिसर में कई फीट पानी जमा हो जाता है। शिक्षा विभाग की मुख्य शिक्षाधिकारी सुषमा सिंह ने बताया कि खंड शिक्षाधिकारी को वैकल्पिक स्थान ढूंढने के आदेश दिए गए हैं। स्कूल खुलने से पूर्व विद्यालय को शिफ्ट कर दिया जाएगा। इसके अलावा स्कूल की मरम्मत के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा।
