
सतौन (सिरमौर)। पंचायत सतौन में दो हफ्ते से एक बूंद पानी नहीं आ रहा है। इसके चलते ग्रामीणों को परेशानी हो रही है। गांव के करीब साढ़े चार सौ परिवार पानी की बाल्टी लेकर इधर-उधर भटकते देखे जा सकते हैं। लगातार दो हफ्तों से ग्रामीण इसकी शिकायत आईपीएच के कर्मचारी को भी कर रहे हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। जबकि सतौन पंचायत के लिए दो-दो जगहों से पानी की सप्लाई स्कीमें बनाए गई हैं। सतौन पंचायत प्रधान रजनीश चौहान, उप प्रधान शमशेर गुप्ता, विजय गुप्ता, बाबूराम शर्मा, प्रेम तोमर, प्रताप चौहान, सुरेंद्र नेगी आदि ने बताया कि पानी की समस्या लगभग एक महीने से है। दो हफ्तों से तो पानी की एक बूंद भी नलों से नहीं टपकी है। पंचायत प्रधान रजनीश चौहान ने बताया कि पिछली बरसात मे तिलगनी खड्ड से पानी की लगभग एक किलोमीटर पाइप लाइन बरसात के नाले में बह गई थी। इस संदर्भ में पंचायत के माध्यम से एक पत्र मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और आईपीएच मंत्री विद्या स्टोक्स को लिखकर समस्या से अवगत करवाया गया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई है। अभी तक भी विभाग ने पाइप लाइनें ठीक नहीं करवाई हैं। उन्होंने विभाग के अधिकारी पर फोन न उठाने का भी आरोप लगाया और चेतावनी दी है कि सतौन की समस्त जनता पांवटा में अधिकारियों के दफ्तर का घेराव करेगी। उधर, इस संदर्भ में पांवटा के अधिशाषी अभियंता महेश शर्मा ने बताया कि सतौन में हर साल तिलगनी खड्ड से पाइपें टूट जाती हैं। इसके समाधान के लिए विभाग ने 25 लाख के बजट का प्रावधान किया है। फिलहाल गांव में पानी की व्यवस्था के लिए सहायक अभियंता को निर्देश दिए गए हैं।
