सड़क से दूर पढ़ाने को हाय तौबा कर रहे गुरुजन

भोजनगर/सोलन। प्रारंभिक शिक्षा खंड धर्मपुर। यहां के प्राइमरी स्कूलों का हाल कुछ अजीब है। 27 सरप्लस अध्यापक होने के बावजूद 22 शिक्षकों के पद खाली चल रहे हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि सभी सरप्लस अध्यापक सड़क के नजदीक वाले स्कूलों में हैं। दूरदराज के स्कूल एक एक टीचर या बिना अध्यापक के ही चल रहे हैं।
ऐसे में अगर यूं कहें कि सड़क के किनारे स्कूलों में पढ़ाने वालों की कमी नहीं, हां अगर सड़क से दूर पढ़ाने जाना है तो तौबा। चौंकिये मत यह हकीकत है। धर्मपुर ब्लाक में आरटीआई से जुटाए आंकड़ों से यह खुलासा हुआ है कि 16 स्कूलों में अध्यापकों की कमी से पढ़ाई बाधित हो रही है। इसमें 12 स्कूल मात्र एक शिक्षक के सहारे हैं और चार प्राथमिक स्कूलों में तो कोई नियमित अध्यापक ही नहीं है। इस मुद्दे को लेकर केंद्रीय प्राथमिक पाठशाला प्राथा का स्कूल प्रबंधन समिति का प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त से मिला। सरप्लस शिक्षकों को हटाकर खाली पड़े स्कूलों में शिफ्टिंग की मांग की है। एसएमसी प्रधान दुरेश कुमार, बीडीसी सदस्य स्वर्ण सिंह के अलावा घनश्याम, हंसराज, धर्म पाल, लीला दत्त और परमानंद मौजूद रहे।

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