
रुद्रप्रयाग। रुद्रप्रयाग-केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर चंद्रापुरी बाजार में नए समरेखण के मुताबिक रोड कटिंग फिलहाल मुश्किल दिखाई दे रही है। कटिंग के लिए यहां ऊपर की ओर पांच भवनों को गिराना पडे़गा, तभी यहां स्थायी सड़क का निर्माण हो पाएगा। मामले को देखते हुए नदी के किनारे से अस्थायी सड़क निर्माण पर विचार किया जा रहा है।
बीआरओ केदारनाथ एनएच को भीरी बाजार से चंद्रापुरी बाजार तथा अगस्त्यमुनि की ओर से चंद्रापुरी बाजार से कुछ पहले सड़क को वाहनों के आवागमन के लिए खोल चुका है। जहां पर रोड कटिंग छूटी है, वहां पर भवनों को गिराने के सिवाय अन्य कोई विकल्प नहीं है। बीआरओ और प्रशासन ने भवन स्वामियों को मनाने के लिए वार्ता की थी। प्रशासन ने भवन गिराने पर प्रति भवन दो लाख रुपये देने का आश्वासन दिया था, लेकिन भवन स्वामियों का कहना था कि मंदाकिनी नदी की बाढ़ से हमारे मकान बच गए, अब दो लाख रुपये देकर प्रशासन हमें बेघर करना चाह रहा है। यदि हटाया जाना है तो भवनों का पूर्ण मुआवजा दें। भवन स्वामियों की मांग के अनुसार प्रशासन ने भवनों के मूल्यांकन के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की। कमेटी की ओर से किए गए मूल्यांकन को प्रशासन ने स्वीकृति के लिए शासन को भेज दिया है, जिससे इसमें समय लगने की संभावना है।
कमेटी ने सर्किल रेट के अनुसार भूमि और भवन के कवर एरिया का मूल्यांकन किया है। पांच भवनों की कीमत 42 लाख 50 हजार रुपये आंकी गई है। गाइड लाइन के अनुसार प्रशासन गृह अनुदान दे सकता है, मुआवजा नहीं। इसलिए इसको स्वीकृति के लिए शासन को भेजा गया है। – दिलीप जावलकर, डीएम रुद्रप्रयाग।
