
चंबा। जिले की सड़कों में सफर करना सवारियों के लिए आफत बन गया है। लोक निर्माण विभाग ने पांच डिविजनों में 477 के करीब ब्लैक स्पॉट चिह्नित किए हैं। इनमें से विभाग अभी तक 200 के करीब ब्लैक स्पॉट ही दुरुस्त कर पाया है। 277 के करीब ब्लैक स्पॉट को ठीक करने का काम चल रहा है। ब्लैक स्पॉट दुरुस्त न होने के कारण इन जगहों में पहले भी कई बार वाहन दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। जानकारी के अनुसार भरमौर डिविजन में 45 ब्लैक स्पॉट हैं। 20 ब्लैक स्पॉट अभी भी ठीक नहीं हो पाए हैं। तीसा डिविजन में 93 ब्लैक स्पॉट हैं। 60 ब्लैक स्पॉट अभी तक भी ठीक किए जाने हैं। डलहौजी डिविजन में 118 ब्लैक स्पॉट हैं। इनमें 82 ब्लैक स्पॉट अभी तक ठीक नहीं हो पाए हैं। सलूणी डिविजन में 100 ब्लैक स्पॉट हैं, इनमें से 90 ब्लैक स्पॉट अभी भी दुर्घटनाओं को न्योता दे रहे हैं। किलोड़ में एक ही ब्लैक स्पॉट है, यह ब्लैक स्पॉट अभी तक ठीक नहीं हो पाया है। अभी तक 277 ब्लैक स्पॉट के ठीक न होने के कारण दुर्घटनाएं होने का खतरा बना रहता है। यहां पर सड़क तंग है, इस वजह से भी दुर्घटनाएं हुई हैं। इसके अलावा सड़कों में डेंजर मोड़ भी हैं। यहां वाहनों को मोड़ते समय भी वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो जाते हैं। समय-समय पर हो रही दुर्घटनाओं से जिला प्रशासन भी इन ब्लैक स्पॉट को दुरुस्त करने का निर्देश नहीं दे रहा है। हर साल बड़ी दुर्घटनाएं होती हैं। दुर्घटना होने पर जिला प्रशासन मथन करता है, उसके बाद सब कुछ भूला दिया जाता है। दुर्घटनाओं के बाद लोगों को जिला प्रशासन और सरकार की ओर से आश्वासन ही मिलतेे हैं। ब्लैक स्पॉट को दुरुस्त करने की ओर कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। वहीं, लोक निर्माण विभाग के एससी रमेश चंद सूद बताया है कि 277 के करीब ब्लैक स्पॉट हैं। उन्होंने बताया कि ब्लैक स्पॉट को ठीक करने का काम चला हुआ है।
