
शिमला। 1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े एक मामले में कांग्रेस के पूर्व सांसद सज्जन कुमार को बरी किए जाने से सिख समुदाय भड़क गया है। देश के कई राज्यों में हो रहे विरोध प्रदर्शन की आग शिमला में भी सुलग गई है। शुक्रवार शाम को सिंह सभा शिमला के बैनर तले सैकड़ों लोगों ने रोष रैली निकाल कर विरोध जताया। सरबजीत सिंह की मौत के मामले में भी सिंह सभा ने पाकिस्तान के खिलाफ गुबार निकाला। उपायुक्त कार्यालय से शेरे पंजाब तक रैली निकाली गई। इसके बाद सज्जन कुमार और पाकिस्तान का पुतला फूंका।
अदालत के फैसले से नाराज सिंह सभा के सदस्यों सहित अन्य समुदाय के लोगों ने कहा कि सज्जन कुमार को बरी करने का निर्णय राजनीतिक दबाव में आया है। 29 सालों से इंसाफ का इंतजार कर रहे सिख समुदाय के लोग इस फैसले से खुद को ठगे हुए महसूस कर रहे हैं। सिंह सभा शिमला के प्रधान जसविंद्र सिंह ने कहा कि 1984 के दंगों में सबसे ज्यादा जिसकी भूमिका थी, वही बरी हो गया है। सभा के महासचिव भूपेंद्र सिंह ने कहा कि इस मामले में न्याय नहीं हुआ है। यह भारत के इतिहास में सबसे दुखद दिन है।
उधर, सरबजीत सिंह की मौत के मामले में पाकिस्तान के खिलाफ भी जमकर नारे लगाए गए। पाकिस्तान को इस प्रकरण का दोषी करार देते हुए लोगों ने गुस्से का इजहार किया। विरोध प्रदर्शन में भाग लेते हुए स्थानीय विधायक सुरेश भारद्वाज ने सरबजीत की मौत के लिए केंद्र सरकार को दोषी ठहराया। इस अवसर पर भाजपा प्रवक्ता गणेश दत्त, अकाली दल बादल की शिमला इकाई के प्रधान सुरेंद्र सिंह, महासचिव बीएस शाह, वीर सिंह, गुरसागर सिंह चौधरी, राजेंद्र सिंह, जसविंद्र सिंह, हरपाल सिंह और उपेंद्र सिंह सहित कई प्रदर्शनकारी मौजूद रहे।
