
नैनीताल। डीजीपी सत्यब्रत बंसल ने शुक्रवार को डीआईजी दफ्तर में मंडलभर के पुलिस अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने अधिकारियों का आह्वान किया कि सकारात्मक सोच और टीम भावना के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान करना हर अधिकारी की प्राथमिकता होनी चाहिए। कार्य योजना बनाना सरकार का काम है लेकिन उसे बेहतर तरीके से लागू करना अधिकारी का दायित्व है, इसके लिए स्वयं को हमेशा तैयार रखें। उन्होंने अपने कार्यकाल के अनुभव भी अधिकारियों को बताए। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद भी यदि उनके अनुभवों की जरूरत पड़े तो इसके लिए वह सदैव तत्पर रहेंगे। डीआईजी जीएन गोस्वामी ने मंडलभर की विभागीय उपलब्धियों की जानकारी दी। बैठक में नैनीताल के एसएसपी डा. सदानंद दाते, ऊधमसिंह नगर की एसएपी रिधिम अग्रवाल, अल्मोड़ा के पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार मीणा, बागेश्वर की निवेदिता कुमार कुकरेती, पिथौरागढ़ के वीकेएस कार्की और चंपावत के केएस नगन्याल समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे।
पुलिस और पीएसी कर्मियों को सम्मानित किया
नैनीताल। डीजीपी बंसल ने राजभवन में जीर्णोद्धार के बाद बने पीएसी अतिथि गृह का अनावरण किया। उसके बाद उन्होंने पुलिस लाइन में नवनिर्मित दो कमरों के अतिथि गृह का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने 31वीं वाहिनी पीएसी के आरआई कांति बल्लभ पांडे, कंपनी कमांडर धनपत नेगी समेत पुलिस और पीएसी के 28 कर्मियों को उत्कृष्ट कार्य करने के लिए प्रशस्तिपत्र देकर सम्मानित किया। इससे पूर्व राजभवन और पुलिस लाइन पहुंचने पर डीजीपी बंसल को पीएसी और पुलिस के जवानों ने गार्ड ऑफ आनर दिया। कार्यक्रम में डीआईजी जीएन गोस्वामी, 31वीं बटालियन पीएसी की सेनानायक स्वीटी अग्रवाल, 46वीं बटालियन के अजय रौतेला, आईआरबी की पी.रेणुका देवी, सीओ हरीश कुमार, आरआई ज्ञान सिंह नेगी समेत मंडलभर के पुलिस अधिकारी मौजूद थे।
