संसाधनों के दोहन से खुशहाल होगा प्रदेश

मंडी। प्रदेश के संसाधनों का अगर सही ढंग से दोहन किया जाए तो इस पहाड़ी प्रदेश में खुशहाली की बयार आ सकती है। यह दावा है हिमाचल गरीबी हटाओ सेना का। इस संदर्भ में हिमाचल गरीबी हटाओ सेना ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को एक ज्ञापन प्रेषित किया है। जिसमें मुख्यमंत्री से प्रदेश से गरीबी को हटाने की दिशा में गंभीरता से प्रयास करने की मांग की है। चीड़ की पत्तियों से जलने वाले स्टोव को ईजाद करने वाले वैज्ञानिक एवं हिमाचल गरीबी हटाओ सेना के संस्थापक तेज सिंह गोयल का कहना है कि प्रदेश में गरीबी खत्म करने के लिए आवश्यकता से अधिक साधन मौजूद हैं। बावजूद इसके गरीबी तथा बेरोजगारी का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। योजना आयोग के अनुसार हिमाचल प्रदेश में 20 लाख लोग गरीबी का जीवन व्यतीत कर रहे हैं। जिला चंबा तथा सिरमौर में तो स्थिति दुखद है। प्रदेश के ये दोनाें ही जिले देश के सबसे 50 गरीब जिलों में शामिल हैं। तेज सिंह गोयल का कहना है कि प्रदेश में साधनों की कमी नहीं है। पानी, जैव विविधता, खनिज पदार्थ, विद्युत क्षमता, मेहनतकश किसान, बर्फीले पहाड़ एवं पेट्रोल पैदा करने वाले पौधे, हर साधन यहां मौजूद हैं। प्रदेश में 150 लाख हेक्टेयर भूमि बंजर पड़ी है। परंतु गरीबी को दूर करने की दिशा में गंभीरता से कोई प्रयास नहीं हो रहे हैं। प्रदेश में इस लाचारी को दूर करने के लिए हमेशा से ही राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से प्रदेश को इस बीमारी से मुक्त करने की दिशा में प्रयास करने की मांग की है।

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