
बागेश्वर। मंडलसेरा में आशा वर्र्र्कर संगीता मलड़ा की मौत के मामले की जांच सीबीसीआईडी को सौंप दी गई है। सीबीसीआईडी की टीम हल्द्वानी से यहां पहुंच चुकी है। पुलिस अधिकारियों ने मंगलवार को मामले में पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। उन्होंने मृतका के परिजनों के साथ ही डाक्टरों से भी पूछताछ की। सीबीसीआईडी की टीम ने कोतवाली में इस मामले से जुड़े दस्तावेजों का निरीक्षण किया।
मंडलसेरा में संगीता मलड़ा की संदिग्ध हालत में 29 मई को मौत हो गई थी। इस मामले में कोतवाली में आत्महत्या की रिपोर्ट दर्ज हुई। पड़ोसी परिवार के चार सदस्यों पर आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया गया और उन्हें हिरासत में लिया गया। चारों इस वक्त जमानत पर हैं। उधर, भाकपा माले और आशा वर्कर्स यूनियन की पहल के बाद मामले में नया मोड़ आया। मृतका के पति, पिता और आंदोलित संगठनों का कहना है कि अवैध शराब का विरोध करने पर संगीता मलड़ा की हत्या हुई है। इन संगठनों ने जिला मुख्यालय पर कई बार प्रदर्शन किए। बाद में भाकपा माले और आशा वर्कर्स यूनियन की मांग पर प्रशासन ने सीबीसीआईडी जांच की मांग मान ली। जिला प्रशासन की संस्तुति पर शासन ने जांच शुरू करने के निर्देश दे दिए। सोमवार की शाम हल्द्वानी से सीबीसीआईडी के इंस्पेक्टर गंगा सिंह के नेतृत्व में जांच दल यहां पहुंचा। इस दल में वरिष्ठ उपनिरीक्षक प्रतिभा भट्ट सहित पांच लोग शामिल हैं। जांच दल ने मंगलवार को कोतवाली में केस से संबंधित दस्तावेज हासिल किए। पुलिस के जांच अधिकारी प्रभारी कोतवाल सत्य प्रकाश रायपा से वार्ता की। मंडलसेरा जाकर घटनास्थल का निरीक्षण किया। मृतका के पति प्रकाश मलड़ा और अन्य परिजनों से बातचीत की। अधिकारियों ने वहां की कई महिलाओं के भी बयान लिए। जांच दल ने कमेड़ी जाकर मृतका के मायके वालों से भी बातचीत की।
