
नौहराधार (सिरमौर)। दुर्गम एवं ग्रामीण क्षेत्रों में राज्य सरकार किस तरह की स्वास्थ्य सेवाएं दे रही है इसका अंदाजा सहज की लगाया जा सकता है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र संगड़ाह के साथ-साथ संगड़ाह खंड में इस समय 10 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कार्यरत हैं। मगर आधा दर्जन से अधिक स्वास्थ्य केंद्रों पर एक भी चिकित्सक मौजूद नहीं है। ग्रामीण अपना इलाज कराएं तो कैसे। चाढ़ना, हरिपुरधार, लाना चेता, चौकर पीएचसी में डाक्टर ही नहीं हैं। और तो और यहां लंबे समय से कोई फार्मासिस्ट नहीं है। इन गरीब ग्रामीणों को मजबूरी में अपना इलाज करवाने के लिए कोसों दूर संगड़ाह, नौहराधार एवं राजगढ़ जाना पड़ रहा है।
हैरानी इस बात की है कि क्षेत्र में कई स्वास्थ्य केंद्रों पर मूलभूत सुविधाओं के साथ-साथ फर्नीचर ही नहीं है। जब फर्नीचर ही नहीं होगा तो चिकित्सक कहां बैठेंगे। कैसे मरीजों का इलाज होगा। बहरहाल इस समय रेणुका क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाएं दम तोड़ती नजर आ रही हैं। नेता एवं अधिकारियों को इसकी कोई चिंता नहीं है।
स्थानीय ग्रामीण दिनेश कुमार, संत राम, आत्मा राम, बलबीर चौहान, सही राम चौहान, मोरध्वज चौहान सहित भाजपा के पूर्व विधायक हृदया राम ने सरकार तथा क्षेत्र के सीपीएस विनय कुमार से पूछा है कि कांग्रेस सरकार आने के इतने महीनों बाद भी स्वास्थ्य सेवाओं में क्षेत्र की हालत बदतर क्यों हो रही है।
उधर इस बारे में संगड़ाह स्थित बीएमओ डॉ. एनके भारद्वाज ने बताया कि निश्चित तौर पर कुछ स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों सहित अन्य स्टाफ की कमी है। क्षेत्र की पूरी रिपोर्ट बनाकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी नाहन एवं सीपीएस विनय कुमार को भेजी जा चुकी है। आशा है जल्द ही इस बारे ठोस कदम उठाए जाएंगे।
