श्रीदेव सुमन की याद में पौधे रोपे

गढ़वाल। श्रीदेव सुमन के बलिदान दिवस पर विभिन्न शिक्षण संस्थाओं में कार्यक्रम हुए और उनकी याद में पौधे रोपे गए। इस अवसर पर रोपे गए पौधों के संरक्षण का संकल्प भी लिया गया।
गोपेश्वर/पोखरी में एनसीसी कैडेटों ने जीआईसी माणा-घिंघराण में पौधारोपण किया गया। विद्यालय में पर्यावरण संवर्द्धन विषय पर गोष्ठी हुई जिसमें एनसीसी लेफ्टिनेंट आरएस फर्स्वाण ने कहा कि दैवी आपदा का सबसे बड़ा कारण वनों का अनियंत्रण दोहन है। जिसका प्रभाव पर्यावरण पर पड़ रहा है। पोखरी के जीआईसी गोदली में शिक्षकों के नेतृत्व में छात्र-छात्राओं ने पौधारोपण किया। यहां पर्यावरण शिक्षक धन सिंह घरिया ने छात्रों को बांज, बुरांस, खर्सू, मौरु के पौधों के रोपण का आह्वान किया। गोपेश्वर के समीप पपड़ियाण गांव में महिला मंगल दल और प्रावि पपड़ियाणा के छात्र-छात्राओं ने पौधारोपण किया।
पौड़ी। विकास खंड कोट प्रखंड के जीआईसी बहेड़ाखाल में छात्र-छात्राओं ने फलदार पौधे रोपे। रोपित पौधों के संरक्षण के लिए गठित नेहरू वाटिका में योगेंद्र और ऋतु, लक्ष्मी बाई में अमित राणा और प्रीति, अंबेडकर में विपिन और नेहा, सुमन वाटिका में अरमान और मोनिका को संरक्षक बनाया गया। प्राथमिक विद्यालय पोखरी में प्रधानाध्यापिका सावित्री लिंगवाल और बीना नयाल की देखरेख में पौधरोपण कार्यक्रम हुआ। पाबौ के जीआईसी बिडोली में के छात्र-छात्राओं ने विभिन्न प्रजातियों के 600 पौधे रोपे गए। जीजीआईसी पौड़ी में भी पौधारोपण किया गया।

चित्रकला में नितिन और भाषण में रुचि अव्वल
श्रीनगर/कीर्तिनगर। राजकीय इंटर कालेज स्वीत, हिसरियाखाल, कीर्तिनगर में शिक्षकों तथा विद्यार्थियों ने पौधे रोपकर श्रीदेव सुमन को याद किया। स्वीत के विद्यार्थियों ने 5300 तथा हिसरियाखाल के स्वयंसेवियों ने दो हजार रुपये मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा किए। तंबाकू निषेध विषय पर जीआईसी हिसरियाखाल में चित्रकला प्रतियोगिता तथा भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। चित्रकला प्रतियोगिता में नितिन प्रथम, शिवानी द्वितीय, भावना तृतीय तथा भाषण प्रतियोगिता में रुचि प्रथम, नितिन द्वितीय तथा भावना तृतीय स्थान पर रहे। इस मौके पर 500 पौधे रोपे गए। वहीं सुमनलता मेमोरियल प्ले ग्रुप में श्रीदेव सुमन के चित्र पर माल्यार्पण कर पर्यावरण संरक्षण पर हुई गोष्ठी का शुभारंभ अभिभावकों ने किया। गोष्ठी में अभिभावक बबीता असवाल ने कहा कि विकास के नाम पर जंगलाें को काटने का नतीजा है कि उत्तराखंड को भयानक त्रासदी से गुजरना पड़ रहा है। अभिभावक दीपक डोभाल ने कहा कि हमें बचपन से ही अपने बच्चों में पर्यावरण के प्रति प्रेम की भावना विकसित करनी चाहिए। मुख्य संचालिका रेखा चौहान ने कहा कि पहली कक्षा से ही बच्चों के पाठ्यक्रम में पर्यावरण विषय होना चाहिए और बच्चों को शैक्षणिक भ्रमण के जरिए पर्यावरण के बारे में बताया जाना चाहिए। इस अवसर पर प्लेग्रुप के बच्चों ने पौधे लगाकर उनके संरक्षण का संकल्प भी लिया।

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