
दाड़लाघाट (सोलन)। अंबुजा कर्मचारी संघ एवं अंबुजा सीमेंट वर्कर यूनियन ने कंपनी प्रबंधन पर श्रम कानूनों के उल्लंघन के आरोप जड़े हैं। कंपनी के खिलाफ संघर्ष तेज करते हुए बुधवार को दाड़लाघाट में गेट मीटिंग आयोजित की। जिसमें चेताया गया कि अगर मजदूरों की तरफ कंपनी का यही रवैया रहा तो संघ एक बड़ा आंदोलन छेड़ेगा, जिसकी जिम्मेवारी स्वयं कंपनी की होगी।
गेट मिटिंग के दौरान दोनों यूनियनों के प्रधान प्रेम कुमार कौंडल और मस्त राम ने कहा कि कंपनी श्रम कानून का सरेआम उल्लंघन कर रहा है। कंपनी राष्ट्रीय कानून को दरकिनार करते हुए बहुराष्ट्रीय कानून मजदूरों पर थोप कर रही है। कंपनी में पिछले 20 साल से काम कर रहे मजदूरों को अभी तक नियमित नहीं किया गया है। वहीं जिन स्थानीय लोगों ने अपनी पैतृक भूमि उद्योग स्थापित करने में दी है उन्हें बिना कारण से नौकरी से निकाला जा रहा है। इस दौरान संघ ने सीटू के बैनर तले कंपनी को मांग पत्र भी सौंपा। इस अवसर पर अमरनाथ कौंडल, मनसा राम, बृजलाल, लेखराम, डीडी कश्यप, लेखराम गुलेरिया, भगत राम, प्रवीण कुमार, मनोज कुमार, दीपक कुमार और बलजीत कुमार मौजूद रहे।
मांग पत्र में रखी मांगें
– 240 दिन पूरे कर चुके श्रमिकों को कंपनी की तरफ से सुविधाएं जैसे कूपन, बोनस 20 प्रतिशत, वर्दी सेफ्टी बूट, जैकेट, रेन कोट, पीएफ कटौती और सभी प्रकार की छुट्टियां प्रदान की जाएं। 1992 से वर्ष 2000 तक कार्यरत श्रमिकों को वरिष्ठता के आधार पर नियमित किया जाए। अस्थायी श्रमिक को 1500 रुपये मासिक पहाड़ी भत्ता, मेडिक्लेम सुविधा, दुर्घटना में मृत्यु होने पर श्रमिक के परिवार से एक को नौकरी, आठ घंटे ड्यूटी निश्चित, यूनियनों के कार्यालयों की व्यवस्था और साप्ताहिक अवकाश शुरू करने की मांगें रखी।
