
बिलासपुर। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) योजना शुरूआती दौर में ही हांफती नजर आ रही है। केंद्र सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत प्रदेश के चार जिलों में इस महीने की 15 तारीख से रसोई गैस सिलेंडर पर मिलने वाली सब्सिडी बैंक खाते में जमा करने की योजना है। एजेंसी संचालकों के पास अभी तक सभी उपभोक्ताओं के आधार नंबर और बैंक खाते नहीं पहुंच पाए हैं। लगभग 50 फीसदी लोगों ने अभी तक अपने आधार नंबर और बैंक खाता संख्या एजेंसी के पास जमा नहीं करवाए। ऐसे में योजना के इसी महीने शुरू होने की संभावना नहीं है।
बिलासपुर जिला में वर्तमान में पांच हजार गैस एजेंसियों के माध्यम से गैस की सप्लाई हो रही है। डीबीटी योजना के अंतर्गत अब सब्सिडी खाते में जो जमा होनी है। बिलासपुर में तो यह आंकड़ा 50 फीसदी से भी अधिक का है। यहां कुल 16000 उपभोक्ताओं में अभी तक महज 7500 ने ही अपने दस्तावेज जमा करवाएं है। उपायुक्त डा. अजय शर्मा ने माना कि अभी तक 50 प्रतिशत लोग अपने दस्तावेज जमा नहीं करवा पाए हैं। इसी महीने से योजना शुरू करने पर काम किया जा रहा है। योजना के तहत कई खामियां भी उजागर हुई है। एजेंसी संचालकों को पहले बैंक खाता लेने बारे कोई आदेश नहीं आए थे। पूर्व में आधार नंबर ही लिए गए। अब बैंक खाता भी लिया जा रहा है। लिहाजा, प्रक्रिया एक तरह से नए सिरे से शुरू हो गई है। इस वजह से लोगों को दो-दो बार एजेंसी के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
कइयों को नहीं मिले आधार नंबर
बिलासपुर। जिला के सैकड़ों लोगों को अभी तक आधार नंबर ही नहीं मिल पाए हैं। करीब दो-तीन महीने पहले आधार कार्ड बनवाने वाले लोगों को तो दूर पिछले साल आधार बनाने वालों को नंबर नहीं मिले। संजय, देवेंद्र, रोहित, सुनील, देवी राम, अनीता, अंजना, रोहिणी ने कहा कि उन्होंने आधार नंबर तो बनवा दिया है। रसीद भी उनके पास मौजूद है, मगर अभी तक नंबर नहीं मिला। उपायुक्त ने कहा कि जिन्हें नंबर नहीं मिला है, वह राजस्व विभाग के पास पहुंचकर नंबर भी प्राप्त कर सकते हैं।
